मोर्चा दौरान गोली चलाने की साजिश का दावा, जरांगे पाटील का शिंदे-फडणवीस पर निशाना
मराठा आरक्षण आंदोलन के मुंबई मोर्चे से पहले मनोज जरांगे पाटील ने बड़ा आरोप लगाया है।
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मुंबई में होने वाले मराठा आंदोलन से पहले मनोज जरांगे पाटील ने रविवार को अंतरवाली सराटी से जो बयान दिया, उसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मच गई है। जरांगे ने एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उनके मुंबई वाले मोर्चे में गड़बड़ी फैलाकर उन्हें निशाना बनाने की साजिश रची जा रही है।
जरांगे के मुताबिक शिंदे और भाजपा के कुछ लोगों को मोर्चे में घुसाकर हंगामा कराया जा सकता है। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि मोर्चे में गोली चलाने का प्लान बनाया गया है। "मराठों को नहीं मारेंगे, सिर्फ मुझे शूट करेंगे," ऐसा दावा करते हुए उन्होंने साफ कर दिया कि इस सबसे वे पीछे नहीं हटने वाले।
जरांगे ने बताया कि वे 19 सितंबर को मुंबई पहुंचकर सुबह 10 बजे आझाद मैदान पर उपोषण पर बैठेंगे। उपोषण के लिए परमिशन मांगी गई है और वे कानून का पालन करते हुए ही मुंबई जाएंगे, ऐसा उन्होंने स्पष्ट किया। सरकार से सवाल पूछते हुए उन्होंने कहा, "मेरी क्या गलती है, मैं कानून तोड़ रहा हूं क्या?"
इस दौरान जरांगे ने मराठा समाज से भावुक अपील भी की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अगर साथ नहीं देना है या डर लग रहा है तो घर में बैठ जाओ, लेकिन मुंबई जाते वक्त साथ दो और उसके बाद मेरी अंतिम यात्रा में आना।
जरांगे ने चंद्रशेखर बावनकुळे पर भी निशाना साधा। उन्होंने सीधी चेतावनी देते हुए कहा, "मरना कबूल है, लेकिन तुम्हारे सामने झुकूंगा नहीं," और यह भी कहा कि किसी भी जांच या दबाव के चलते आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
वहीं एकनाथ शिंदे पर भी उन्होंने सवाल उठाए। जरांगे ने कहा कि पहले शिंदे पर भरोसा करके वाशी से जीआर लेकर आए थे, अब सरकार का रुख क्या है, यह सवाल उन्होंने पूछा।
मुंबई के आंदोलन से ठीक पहले जरांगे के इन आरोपों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप फिर तेज हो गए हैं। सरकार और संबंधित नेता इस दावे पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं, इस पर सबकी नजर टिकी है।
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