मनोज जरांगे पाटील अंतरवाली से मुंबई की ओर रवाना, गाड़ी में बैठते वक्त भावुक होकर बोले, मराठा समाज एकजुट रहे
मराठा आरक्षण की लड़ाई के लिए मनोज जरांगे पाटील अंतरवाली सराटी छोड़कर मुंबई के आझाद मैदान की ओर निकल पड़े, रवानगी के वक्त माहौल भावुक रहा
मराठा आरक्षण की लड़ाई के लिए कमर कस चुके मनोज जरांगे पाटील आखिरकार मुंबई की तरफ निकल पड़े हैं। अंतरवाली सराटी में जहां वे उपोषण पर बैठे थे, वह जगह छोड़कर अब वे आझाद मैदान पर आंदोलन करने के इरादे से मुंबई रवाना हो गए हैं। लेकिन अंतरवाली छोड़ते वक्त वहां माहौल बहुत भावुक हो गया था।
गाड़ी में बैठते ही जरांगे को आंसू नहीं रुके। एक न्यूज चैनल से बात करते हुए उन्होंने साफ कहा कि अपने समाज के बच्चों की भलाई के लिए किसी भी हालत में लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार के सामने कभी नहीं झुकेंगे और मराठा आरक्षण की मांग पूरी तरह लागू हुए बिना अब रुकेंगे नहीं।
अपनी भावनाएं जाहिर करते हुए मनोज जरांगे पाटील ने कहा, "मेरे समाज के बच्चों से बढ़कर मेरे लिए कुछ भी नहीं है। मेरे समाज के बच्चे मुसीबत में हैं और मैं उनकी भलाई के लिए ही निकला हूं। सरकार को लगता है कि मैं उनके सामने झुक जाऊं, लेकिन समाज के बच्चों को अधूरा छोड़कर मैं समाज को कभी धोखा नहीं दे सकता। वे मुझे मार डालेंगे, इसीलिए मैं आझाद मैदान जा रहा हूं। मैं अपने समाज को कोई तकलीफ नहीं होने दूंगा और लड़ते-लड़ते मर जाऊंगा।"
इसके बाद जरांगे पाटील ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, "हमें न्याय देवता पर भरोसा रखना है और उसी को अपनी इजाजत समझना है। सबसे मेरी अपील है कि पूरी तरह शांत रहें। आपके बच्चों के लिए मैं लडूंगा। सरकार ने मुझे चारों तरफ से घेर लिया है, आप बस मेरे साथ रहो। मैं जिंदा रहूं या न रहूं, आप समाज को बड़ा बनाओ।"
आगे उन्होंने कहा, "किसी भी पार्टी से लगाव मत रखो, सिर्फ अपने समाज से जुड़े रहो। मैं मुंबई जा रहा हूं, आप सब मुझे आशीर्वाद देने आओ। अगर मुझे मारना है तो मार दो, लेकिन आरक्षण लिए बिना मैं पीछे नहीं हटूंगा।"
बात करते हुए फिर एक बार भावुक हुए जरांगे पाटील ने आंसू पोंछते हुए कहा कि आरक्षण को पूरी तरह लागू करवाए बिना वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने साफ कहा कि अगर सरकार उन्हें मारने की कोशिश करे तो भी वे सीधे आझाद मैदान पर ही जाकर बैठेंगे।
मुंबई में आंदोलन के लिए मनोज जरांगे पाटील की तरफ से मुंबई पुलिस के पास तीसरी बार अर्जी दाखिल की गई है। इससे पहले दो बार परमिशन नामंजूर होने के बाद अब इस तीसरी अर्जी में सिर्फ 50 लोगों को उपोषण की इजाजत देने की मांग की गई है। इस नई अर्जी में साफ लिखा गया है कि आंदोलन के दौरान सभी नियम-शर्तों का पूरी तरह पालन किया जाएगा, और 18 सितंबर को तय किए गए समय में ही आंदोलन होगा।
मिली जानकारी के मुताबिक इस आंदोलन को पुलिस से परमिशन मिलने की संभावना अभी भी बहुत कम है। फिलहाल गणेशोत्सव चल रहा है, इसलिए सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का बड़ा सवाल खड़ा हो सकता है, साथ ही पुलिस पर भारी दबाव पड़ेगा। इस वजह से गणेशोत्सव के बाद ही ऐसे आंदोलनों को परमिशन दी जाएगी।
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