वडेट्टीवार का तंज, मंत्री जरांगे के आगे झुकते हैं, सरकार पर सूखा पैकेज और ओबीसी मुद्दे पर हमला
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने नागपुर में सरकार, जरांगे आंदोलन, ओबीसी आरक्षण और राज्य में सूखे की स्थिति पर तीखी टिप्पणी की
सरकार के इतने मंत्री मनोज जरांगे के सामने मान झुकाकर जाते हैं, फिर उनकी गर्दन दुखती क्यों नहीं, ऐसा तीखा सवाल कांग्रेस नेता और विधायक विजय वडेट्टीवार ने पूछा है। नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए वडेट्टीवार ने कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पालतू जानवर को भी शरमा दे इस तरह मंत्री मान झुकाकर जाते हैं, इसी वजह से जरांगे पाटील को खुद के बादशाह होने जैसा लगता है। सरकार झुकती है तो झुकाने वाला भी चाहिए होता है, इसलिए सरकार झुकती है। अब आगे क्या करना है, यह सरकार और मनोज जरांगे का आपसी मामला है, वो खुद देख लेंगे, ऐसी चुभती टिप्पणी वडेट्टीवार ने की।
ओबीसी बनाम हिंदू का विवाद खड़ा करने का काम सरकार ने ही किया है, ऐसा आरोप भी वडेट्टीवार ने लगाया। उन्होंने कहा कि मराठा आंदोलक मुंबई गए तो गणेशोत्सव होने के कारण भीड़ जरूर होगी, लेकिन सरकार इस आंदोलन को कैसे हैंडल करती है यह देखना जरूरी है। ओबीसी वर्सेस हिंदू यह विवाद सरकार ने खड़ा किया, यह ओबीसी समाज पर आया संकट है और यह सरकार का पाप है। सरकार ओबीसी की तरफ ध्यान नहीं देती, उनके सवाल नहीं सुलझाती। नौकरियों में आरक्षण की वजह से अस्सी प्रतिशत लोगों को सिर्फ पंद्रह प्रतिशत जगह मिल रही है, ऐसी स्थिति नौकरी में हर जगह आरक्षण लाकर बना दी गई है। जरांगे पाटील का आंदोलन दोबारा परमिशन लेकर होने दें, यह सरकार को कैसे हैंडल करना है यह उनका सवाल है। हमारी मांगें पहले से रखी हुई हैं, सरकार गंभीरता रखे, ऐसा भी वडेट्टीवार ने कहा। राज्य में सूखे जैसी स्थिति बन गई है, महाराष्ट्र सरकार तुरंत स्पेशल पैकेज घोषित करे, ऐसी मांग वडेट्टीवार ने की। सभी किसान संकट में फंसे हैं, इतनी बिकट स्थिति राज्य पर पहले कभी नहीं आई। कई डैम में पानी नहीं बचा, इस वजह से पीने के पानी का सवाल भी मुश्किल बनने वाला है। इसी बारे में राज्यपाल को पत्र भेजा गया है, सरकार से क्या उम्मीद रखें, ऐसा सवाल भी उन्होंने उठाया। इमरजेंसी प्लान बनाकर उसे असरदार तरीके से लागू करना चाहिए। फसल बीमा नुकसान भरपाई की प्रोसेस आसान और तेज करनी चाहिए, नुकसान भरपाई देनी चाहिए, खरीफ के लिए लिया कर्ज माफ करना चाहिए, ब्याज पर छूट देनी चाहिए, स्पेशल अभियान चलाना चाहिए, मौसम पर आधारित एक्शन प्लान बनाना चाहिए, पशुधन के लिए उपाय करने चाहिए, चारे की प्लानिंग करनी चाहिए और स्पेशल इकनॉमिक पैकेज घोषित करना चाहिए, ऐसी मांगें वडेट्टीवार ने रखीं।
सरकार गंभीरता से फैसला ले, वरना किसान जिंदा नहीं रहेगा, ऐसी चेतावनी भी उन्होंने दी। गणपति बप्पा इस सूखे से किसानों को बचाएं और सत्ताधारियों को सद्बुद्धि दें, पेपर लीक और बेरोजगारी पर ध्यान देने का काम सरकार करे, किसान के साथ खड़ी रहे, इस संकट से पार पाने के लिए गणपति बप्पा से प्रार्थना कर रहा हूं, ऐसा भी वडेट्टीवार ने कहा। केंद्र हो या राज्य सरकार, किसी से कोई उम्मीद नहीं है, उद्योगपतियों के नखरे पूरे किए जा रहे हैं, यह विकृत मानसिकता है, ऐसा भी उन्होंने कहा। सत्ताधारी पार्टी का मंत्री कहता है कि सामान सिर्फ हिंदू लोगों से ही खरीदना चाहिए। मंत्रियों को हनुमान चालीसा तो आती है, लेकिन संविधान पर बात नहीं करते, इन्हें संविधान का नाम लेने की भी लियाकत नहीं है, सत्ताधारी मंत्री कुछ भी बोलते रहते हैं, ऐसी टिप्पणी विजय वडेट्टीवार ने की।
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