मनोज जरांगे पाटील का इशारा: तबीयत बिगड़ी तो अगला दौरा रद्द कर सीधे मुंबई जाऊंगा
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मुंबई कूच पर निकले मनोज जरांगे पाटील ने बीड के पाटोदा में देर रात हुई सभा में अपनी खराब सेहत का हवाला देकर आगे के दौरे को लेकर बड़ा संकेत दे दिया है।
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे पाटील मुंबई की तरफ कूच कर रहे हैं। इस मुंबई मार्च के पहले दिन यानी 15 सितंबर को उनका पहला पड़ाव बीड जिले के पाटोदा में रहा। यहां उनकी सभा तय समय से बहुत देर से, आधी रात करीब 2 बजे शुरू हो सकी। खास बात यह रही कि इतनी रात को भी हजारों मराठा समाज के लोग और महिलाएं उन्हें सुनने के लिए मौजूद थे।
इसी सभा में बोलते हुए जरांगे पाटील ने अपनी तबीयत का जिक्र करते हुए आगे के दौरे को लेकर अहम संकेत दे दिए। उन्होंने कहा, "उपोषण के दौरान दौरा करना आसान नहीं है। शरीर की तकलीफ लगातार बढ़ रही है। इसलिए मैं अगला दौरा रद्द भी कर सकता हूं। दौरा जरूरी नहीं है, आरक्षण जरूरी है। इसलिए मैं पाटोदा से पुलिस को बताकर सीधे मुंबई चला जाऊंगा।"
उन्होंने आगे साफ किया कि उनकी तबीयत से ज्यादा आरक्षण मायने रखता है, दौरा जरूरी नहीं है। उनके मुताबिक, अब उनके लिए अगला दौरा कर पाना मुश्किल है। अगर तबीयत सुधरती है तो वे आगे के दौरे में शामिल होंगे, लेकिन अगर तकलीफ बनी रही तो सफर कर पाना मुमकिन नहीं होगा।
लगातार चल रहे उपोषण, सफर और इससे होने वाली शारीरिक थकान की वजह से उन्होंने दौरा रोककर सीधे मुंबई की तरफ जाने की संभावना जताई है। ऐसे में अब सबकी नजर इस पर है कि आने वाले दिनों में जरांगे पाटील अपना दौरा जारी रखते हैं या उसे रद्द कर सीधे मुंबई रवाना होते हैं।
बताया जा रहा है कि पाटोदा में जरांगे पाटील का काफिला देर रात पहुंचा था। इतनी देर होने के बावजूद हजारों मराठा समाज के लोग उनके स्वागत और सभा के लिए मौजूद थे। यहीं मौजूद भीड़ को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने आगे के सफर को लेकर यह अहम संकेत दिए।
पाटोदा की इसी सभा में जरांगे पाटील ने यह भी कहा कि आगे के सफर में उनके पीछे बड़ी संख्या में गाड़ियां लेकर न आएं। उन्होंने चेतावनी दी, "कल पाटोदा से एक भी गाड़ी मेरे पीछे नहीं आनी चाहिए। अगर मेरे पीछे आए तो मैं फिर से अंतरवाली सराटी चला जाऊंगा, वरना पाटोदा में ही उपोषण शुरू कर दूंगा।"
उन्होंने यह भी बताया कि अब तक 58 लाख रिकॉर्ड मिल चुके हैं। उनके मुताबिक इन रिकॉर्ड के आधार पर बड़ी संख्या में समाज आरक्षण की प्रक्रिया में जा सकेगा। अब गजट के लिए कोशिशें चल रही हैं और सारे रिकॉर्ड पेनड्राइव में ले लिए गए हैं। जरांगे पाटील ने कहा कि सरकार कुछ भी कहे, ये रिकॉर्ड उनके हाथ में हैं। उन्होंने सूचक अंदाज में कहा, "अब हमारे पास चेक है, हम इसे कभी भी बैंक में डाल सकते हैं। मराठे अब जीत की दहलीज पर हैं।"
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