मक्का के पास ड्रोन मार गिराया, सऊदी में पहली बार इमरजेंसी अलर्ट, यमन में 500 से ज्यादा की मौत
सऊदी अरब की एयर डिफेंस ने मक्का की तरफ आ रहे ड्रोन को हवा में ही उड़ाया, इसके बाद मक्का, जेद्दा और ताइफ में इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया
मिडिल ईस्ट में पहले से चल रहा तनाव अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच सैन्य टकराव बढ़ गया है, और मुसलमानों के सबसे पवित्र शहर मक्का पर ड्रोन से हमले की कोशिश की गई। सऊदी अरब की एयर डिफेंस फोर्स के मुताबिक, यमन की तरफ से मक्का शहर की दिशा में आ रहा एक विस्फोटक ड्रोन वक्त रहते रोककर हवा में ही नष्ट कर दिया गया।
सऊदी आर्मी के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने इस घटना की आधिकारिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 15 सितंबर को शाम करीब 6:50 बजे मक्का शहर के दक्षिणी हिस्से में एक अनजान ड्रोन मंडराता हुआ दिखा। सऊदी की एयर डिफेंस सिस्टम ने फौरन एक्शन लेते हुए, ड्रोन के मक्का के प्रतिबंधित और सुरक्षित हवाई क्षेत्र में घुसने से पहले ही उसे मार गिराया। सऊदी प्रशासन ने इस घटना को मक्का शहर को निशाना बनाने की दूसरी बड़ी कोशिश बताया है। इससे पहले 2017 में भी सऊदी ने हूती विद्रोहियों पर मक्का की तरफ बैलिस्टिक मिसाइल दागने का आरोप लगाया था, हालांकि हूतियों ने उस वक्त यह आरोप खारिज कर दिया था।
इस घटना के बाद एहतियात के तौर पर सऊदी सिविल डिफेंस ने मक्का, जेद्दा और ताइफ, इन तीन बड़े शहरों में इमरजेंसी अलर्ट जारी किया। मौजूदा मिडिल ईस्ट जंग शुरू होने के बाद से मक्का शहर में इस तरह का खतरे का अलर्ट मिलने का यह पहला मौका है। प्रशासन ने लोगों से फौरन सुरक्षित जगह जाने, शांति बनाए रखने और खुली जगहों, खिड़कियों, बालकनी या छतों पर न जाने की अपील की। कुछ देर बाद पूरे इलाके के सुरक्षित होने की पुष्टि होने के बाद यह अलर्ट वापस ले लिया गया।
मक्का के पास हुई यह घटना यमन में चल रही भीषण जंग का ही एक हिस्सा है। यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के समर्थन वाली सरकारी फौज के बीच लड़ाई अचानक काफी तेज हो गई है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस लड़ाई में 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। जंग के इस खौफनाक माहौल की वजह से 94,000 से ज्यादा यमनी नागरिकों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा है। हजारों लोग सुरक्षा के लिए दक्षिण यमन की तरफ जा रहे हैं, जबकि 2,000 से ज्यादा नागरिक समुद्र के रास्ते जिबूती देश में शरण लेने पहुंच चुके हैं।
मक्का जैसे धार्मिक केंद्र के पास, जो दुनियाभर के करोड़ों मुसलमानों की आस्था का स्थान है, सैन्य कार्रवाई होना और सायरन बजना बेहद गंभीर घटना मानी जा रही है। इस घटना से पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है, और इंटरनेशनल लेवल पर शांति की अपील की जा रही है।
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