गुरूवार, 17 सितमबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
01:40 IST

जरांगे मुंबई कूच पर शिंदे की अपील: फैसले पर दोबारा सोचें, गणेशोत्सव में बाधा न आए

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर मुंबई जा रहे मनोज जरांगे पाटील से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है।

जरांगे मुंबई कूच पर शिंदे की अपील: फैसले पर दोबारा सोचें, गणेशोत्सव में बाधा न आए
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

मराठा आरक्षण के मुद्दे पर राज्य का माहौल फिर गरमा गया है और मनोज जरांगे पाटील मुंबई की तरफ रवाना हो चुके हैं। मुंबई पुलिस ने आझाद मैदान पर आंदोलन की इजाजत नहीं दी है, फिर भी जरांगे मुंबई की ओर बढ़ रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सरकार का रुख साफ करते हुए आंदोलनकारियों से सहयोग की अपील की है।

शिंदे ने कहा कि सरकार चार कदम आगे बढ़ रही है, इसलिए मनोज जरांगे पाटील को भी सहयोग की भूमिका लेनी चाहिए। इस वक्त मुंबई में गणेशोत्सव चल रहा है और लाखों गणेशभक्त तथा हजारों गणेश मंडल इस उत्सव में शामिल हैं। शिंदे ने साफ कहा कि सरकार की मंशा यही है कि आंदोलन की वजह से गणेशभक्तों या आम नागरिकों को किसी तरह की परेशानी न हो।

शिंदे ने याद दिलाया कि इससे पहले मराठा समाज के 58 मोर्चे मुंबई में निकल चुके हैं, जिनमें लाखों लोग शामिल हुए थे, लेकिन उस दौरान इस बात का ध्यान रखा गया था कि दूसरे समाज या नागरिकों को कोई तकलीफ न हो। इसी आधार पर उन्होंने आंदोलनकारियों से अपील की कि मुंबई आने के इस फैसले पर दोबारा सोचा जाए।

मराठा आरक्षण के मसले पर सरकार शुरू से ही सकारात्मक रही है, ऐसा दावा एकनाथ शिंदे ने किया। उनके मुताबिक, सरकार ने मराठा समाज को 10 प्रतिशत SEBC आरक्षण दिया है, जिसका फायदा छात्र और युवा उठा रहे हैं। उन्होंने कोर्ट की रोक की वजह से अटकी हुई 5300 नियुक्तियों का भी जिक्र किया।

कुणबी दस्तावेज रखने वाले मराठा समाज के लोगों को प्रमाणपत्र देने के लिए जस्टिस शिंदे कमेटी बनाई गई थी, और उन्होंने बताया कि लाखों लोगों को कुणबी प्रमाणपत्र मिल चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने सारथी, स्कॉलरशिप, हॉस्टल की सुविधा और अण्णासाहेब पाटील आर्थिक विकास महामंडल की योजनाओं का भी उल्लेख किया।

मनोज जरांगे की सरकार पर आलोचना को लेकर शिंदे ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना करने और आंदोलन करने का अधिकार हर किसी को है, लेकिन आंदोलन के जरिए समाज के हित की भूमिका बनाए रखनी चाहिए और इसे राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए।

शिंदे ने यह भी स्पष्ट किया कि मराठा समाज को न्याय देते वक्त किसी और समाज के साथ अन्याय न हो, यही सरकार की भूमिका है। उन्होंने कहा कि कुछ मांगें कोर्ट में लंबित हैं, इसलिए आंदोलनकारियों को भी इस पहलू पर विचार करना चाहिए।

अब मनोज जरांगे के मुंबई पहुंचने के बाद वे आगे क्या भूमिका लेते हैं और सरकार तथा आंदोलनकारियों के बीच फिर से बातचीत होती है या नहीं, इस पर सबकी नजर टिकी है।

अभी कोई अपडेट नहीं

खबर छप चुकी है, लेकिन लाइव थ्रेड अभी शुरू नहीं हुआ। डेस्क कोई अपडेट डालते ही वह यहाँ दिखेगा।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे