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03:14 IST

महाराष्ट्र के 18 जिलों में सूखे का संकट, संतरे-कपास की फसल चौपट, बावनकुले ने की समीक्षा बैठक

बारिश की कमी और फसलों को हुए नुकसान को देखते हुए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की।

महाराष्ट्र के 18 जिलों में सूखे का संकट, संतरे-कपास की फसल चौपट, बावनकुले ने की समीक्षा बैठक तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

महाराष्ट्र में सूखे का खतरा मंडरा रहा है और बारिश कम होने से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसे देखते हुए राज्य सरकार हरकत में आ गई है, लगातार बैठकें बुलाई जा रही हैं और अधिकारियों को आदेश-निर्देश दिए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने शनिवार को प्रभावित 18 जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की।

बैठक में सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने जिलों में फसलों के नुकसान और जमीनी हालात की विस्तृत रिपोर्ट तुरंत भेजें, ताकि आने वाली कैबिनेट बैठक में राहत के उपायों पर आखिरी फैसला लिया जा सके।

इस बैठक में सांसद माया इवनाते, विधायक प्रवीण दटके, मोहन मते, समीर मेघे, चरण सिंह ठाकुर, राजीव पोतदार, पुलिस कमिश्नर विश्वास नांगरे पाटिल, जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद, मनपा कमिश्नर विपिन इटनकर और ग्रामीण एसपी हर्ष पोद्दार समेत कई बड़े अधिकारी मौजूद थे।

जिन 18 जिलों पर सूखे का साया बताया जा रहा है उनमें अहिल्यानगर, सोलापुर, छत्रपति संभाजीनगर, जालना, धाराशिव, बीड, लातूर, नांदेड, परभणी, हिंगोली, वाशिम, अकोला, अमरावती, यवतमाल, वर्धा, नागपुर, चंद्रपुर और नंदुरबार शामिल हैं।

नागपुर और अमरावती जिलों में बादलों भरे मौसम के चलते संतरे की फसल पर फफूंद यानी फंगल रोग का हमला बढ़ गया है, जिससे किसानों को बड़ा नुकसान होने का अंदेशा जताया जा रहा है। वहीं धाराशिव, बीड और जालना जिलों में मवेशियों के लिए चारे की भारी दिक्कत हो रही है।

फसलों को लेकर भी हालात खराब हैं। मराठवाड़ा इलाके में सोयाबीन, कपास, तुअर, हल्दी, उड़द और मूंग की फसलें प्रभावित हुई हैं, जबकि विदर्भ में मुख्य रूप से कपास, मूंग, उड़द और तुअर की फसलों को नुकसान पहुंचा है।

मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा था कि आज सारे जिलाधिकारियों के साथ बैठक हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया था कि चूंकि बारिश कम हुई है, इसलिए नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे कराया जाए। इसी को लेकर उन्होंने बैठक की।

सोलापुर जिले में इस बार प्याज की बुआई में भी भारी गिरावट आने का अनुमान लगाया गया है।

राहत और पुनर्वास को लेकर राजस्व मंत्री बावनकुले ने साफ किया कि जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मिलते ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ इस पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों यानी सांसदों और विधायकों के सुझावों को भी ध्यान में रखा जाए, ताकि राहत योजनाएं इस तरह बनाई जाएं कि किसानों को समय पर आर्थिक और प्रशासनिक मदद मिल सके।

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