चंद्रपुर में महात्मा फुले जयंती पर पुरोगामी संगठनों की बैठक, साल भर के कार्यक्रमों पर चर्चा
महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती वर्ष के मौके पर चंद्रपुर में सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं की बैठक हुई, जिसमें साल भर प्रबोधनात्मक कार्यक्रम आयोजित करने पर विचार-विमर्श हुआ।
महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती के मौके पर चंद्रपुर जिले के अलग-अलग पुरोगामी, सामाजिक और परिवर्तनवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं की एक अहम बैठक 15 सितंबर को गेस्ट हाउस, चंद्रपुर में हुई। इस बैठक की अध्यक्षता सत्यशोधक समाज चंद्रपुर जिले के अध्यक्ष हिराचंद बोरकुटे ने की, जबकि मुख्य अतिथि के तौर पर महात्मा फुले द्विशताब्दी महोत्सव समिति के समन्वयक संजय मौर्य मौजूद रहे।
बैठक में महात्मा ज्योतिराव फुले के विचारों को फैलाने, सामाजिक समानता, शिक्षा, वैज्ञानिक सोच, स्त्री-पुरुष समानता और जातिगत भेदभाव खत्म करने के साथ-साथ समाज के वंचित तबकों के मुद्दों पर व्यापक जागरूकता फैलाने को लेकर चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं ने यह अफसोस जताया कि राष्ट्रपिता महात्मा फुले की 200वीं जयंती वर्ष के मौके पर न तो केंद्र और न ही राज्य स्तर पर सरकार की तरफ से कोई कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसी को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के तरीकों पर बातचीत हुई।
साथ ही यह भी तय किया गया कि सभी पुरोगामी संगठन मिलकर इस द्विशताब्दी वर्ष में प्रबोधन और परिवर्तनवादी कार्यक्रमों के जरिए इसे किस तरह मनाएंगे। चंद्रपुर जिले में साल भर अलग-अलग सामाजिक और प्रबोधनात्मक कार्यक्रम आयोजित करने पर भी बैठक में विचार-विमर्श हुआ। मौजूद कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग पुरोगामी संगठनों को मिलकर कार्यक्रम चलाने की बात रखी।
इस बैठक के लिए नागपुर से महात्मा फुले शिक्षण संस्था के अध्यक्ष अरुण पवार, नानाभाऊ लोखंडे, गुलाबराव चिचाटे और राजेंद्र पाटील पहुंचे, तो यवतमाळ से ओबीसी संगठन के विलास भाऊ काळे और डॉ. धावले भी बैठक में शामिल हुए। सभा का संचालन डॉक्टर राकेश गावतुरे ने किया।
चंद्रपुर के सत्यशोधक समाज से एडवोकेट प्रशांत सोनुले, अरुण धानोरकर, अविनाश आंबेकर, सोशल एज्युकेशन मूवमेंट से नरेंद्र, मराठा सेवा संघ से महादेव धूमणे, दीपक जेऊरकर और दिलीप चौधरी, बहुजन मेडिकल एसोसिएशन से डॉक्टर विवेक बांबोडे, समता परिषद से डॉक्टर संजय घाटे, बहुजन हितकारणी सभा से बंडूभाऊ नगराळे और बाबासाहेब एसोसिएशन से एडवोकेट निरंजने और एडवोकेट पूनमचंद वाकडे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।