पेट्रोल पंप डीलरों की चेतावनी: 2000 रुपये से ज्यादा UPI पेमेंट पर MDR चार्ज को लेकर विरोध
15 अक्टूबर से लागू होने वाले नए MDR नियम को लेकर पेट्रोल पंप डीलर्सने कैश पेमेंट लेने की चेतावनी दी है।
पेट्रोल भरवाने जाने वाले लोगों के लिए एक जरूरी खबर है। अगर आप UPI से पेमेंट करने के आदी हैं तो थोड़ा सावधान हो जाइए, क्योंकि पेट्रोल पंप डीलर्सने साफ कह दिया है कि अगर सरकार का नया नियम वापस नहीं लिया गया तो वे 2000 रुपये से ज्यादा के UPI पेमेंट लेना बंद कर देंगे। यह मामला सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं है, पूरे महाराष्ट्र और देशभर में इसकी चर्चा है।
दरअसल हुआ यह है कि सरकार ने एक नया नियम बनाया है जिसके तहत 2000 रुपये से ज्यादा का UPI पेमेंट होने पर दुकानदार या पैसे लेने वाले को करीब 5 रुपये MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट देना होगा। यानी हर 2000 रुपये से ऊपर के ट्रांजैक्शन पर 5 रुपये कट जाएंगे। सुनने में यह रकम बहुत छोटी लगती है, लेकिन पेट्रोल पंप पर दिन भर में सैकड़ों लोग पेट्रोल भरवाते हैं। हर एक से अगर 5 रुपये कटेंगे तो दिन का हिसाब हजारों रुपये तक पहुंच जाता है, और महीने भर का हिसाब लगाया जाए तो यह रकम बहुत बड़ी हो जाती है। इसी वजह से पेट्रोल पंप डीलर्सने सीधे कह दिया है कि अगर यह 5 रुपये का चार्ज लगेगा तो वे 2000 रुपये से ज्यादा UPI पेमेंट लेंगे ही नहीं, ग्राहक को कैश देना ही होगा।
मुंबई के पंप चालकों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें इस MDR से बाहर रखा जाए। अगर उनकी बात नहीं सुनी गई तो 15 अक्टूबर से वे 2000 रुपये से ज्यादा के सभी UPI पेमेंट लेना बंद कर देंगे। मतलब 15 अक्टूबर के बाद अगर आपने 2500 रुपये का पेट्रोल भरवाया और UPI से पेमेंट करने गए, तो पंप वाला वह पेमेंट स्वीकार नहीं करेगा, आपको नकद पैसे देने होंगे। इसलिए अभी से जेब में थोड़ी कैश रखने की आदत डाल लेना बेहतर रहेगा।
पंप मालिकों का कहना बहुत सीधा है। उनका कहना है कि पेट्रोल और डीजल बेचकर उन्हें पहले से ही बहुत कम कमीशन मिलता है। उन्होंने कई बार सरकार से कमीशन बढ़ाने की मांग की, लेकिन सरकार ने इस पर कुछ नहीं किया। पहले से मुनाफा कम है और अब अगर UPI पर भी पैसे कटेंगे तो उनके लिए गुजारा करना मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि यह पैसा उनकी अपनी जेब से जाएगा। इसलिए यह चार्ज उन्हें मंजूर नहीं है।
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पेट्रोलियम ट्रेडर्स के प्रवक्ता मोंटी सहगल ने बताया कि अगर 2000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर छूट नहीं दी गई तो वे UPI लेंगे ही नहीं। कर्नाटक के डीलर्सने भी केंद्र सरकार को पत्र लिखकर इस चार्ज से छूट देने की मांग की है।
खास बात यह है कि इस फैसले का विरोध सिर्फ पंप मालिक ही नहीं कर रहे, बल्कि सत्ता में मौजूद पार्टी के भीतर से भी विरोध हो रहा है। अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस के उद्योग सेल ने भी इस फैसले पर आपत्ति जताई है। उद्योग सेल के प्रदेश सरचिटणीस मनीष कोंडे ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा है कि महाराष्ट्र के व्यापारियों का ख्याल रखा जाए। UPI पर चार्ज लगेगा तो डिजिटल इंडिया कैसे आगे बढ़ेगा, लोग ऑनलाइन पेमेंट करेंगे या नहीं, व्यापारियों पर ऐसा बोझ नहीं डालना चाहिए, और इस बारे में केंद्र सरकार से बात की जाए।
दरअसल लोगों को यह बात हजम नहीं हो रही कि सरकार एक तरफ डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दे रही है और दूसरी तरफ उसी पर चार्ज लगा रही है। अब देखना यह है कि सरकार यह फैसला वापस लेती है या नहीं। लेकिन तब तक पेट्रोल भरवाने जाते समय जेब में नकद पैसे रखना ही बेहतर होगा, वरना पंप पर विवाद हो सकता है।
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