पकड़ने के बाद पुलिस ने छोड़ा दो किलो सोना
इतवारी के सर्राफा बाजार में वाकया, हवाला आपरेटर्स को अभयदान-व्यापारी है 'टारगेट'
नागपुर.
हवाला ऑपरेटर्स को आश्रय देनेवाली पुलिस व्यापारियों को 'टारगेट' कर रही है. गुरुवार की रात इतवारी के सर्राफा बाजार में संदेह के आधार पर एक व्यापारी के मुनीम को दो किलो सोने के साथ पकड़ने के कुछ देर बाद छोड़ दिया गया. बेहद गोपनीय तरीके से हुए इस ऑपरेशन की किसी को भनक तक नहीं लगने दी गई. इससे कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो गए है.
इतवारी के सर्राफा बाजार में व्यवसायी दत्तू की दुकान है. दत्तू ने गुरुवार की रात 8 बजे दुकान बंद की. उनका दुकान से चंद कदमों की दूरी पर लॉकर है. वहां दत्तू के अलावा कई सर्राफा व्यापारी गहने और नकदी रखते है. दत्तू का मुनीम गहने और नकदी थैली में रखकर एक्टिवा पर सवार होकर दुकान से जाने लगा. उसी वक्त मुनीम को आठ से दस पुलिस कर्मियों ने घेर लिया. सभी पुलिस कर्मी सादे वेश में थे. जिससे मुनीम को लूटपाट का संदेह हुआ. मुनीम और दत्तू घबरा गए. वह कुछ समझ पाते इसके पहले पुलिस कर्मियों ने अपना परिचय देते हुए दत्तू और मुनिम को अपने साथ चलने को कहा. सूत्रों के अनुसार दत्तू बुलीयन है. वह सोने के बिस्किट की बिक्री करते है. उनके मुनिम के पास दो किलो सोने के बिस्किट जिनकी कीमत करीब तीन करोड़ रुपए तथा लाखों रुपए की नकदी थी. तीन करोड़ का माल पकड़े जाने की आशंका से दत्तू चिंतित हो गए. उन्होंने पुलिस टीम को सोने के अधिकृत दस्तावेज अपने पास होने और उसे लॉकर में रखने के लिए ले जाने का बताया. उनकी बात को नजरंदाज करके पुलिस टीम ने केंद्रीय जांच एजेंसी को तलब करने की जानकारी दी. पुलिस ने गहने तथा नकदी हवाला के होने का संदेह जताते हुए उन्हें छोड़ने से इनकार कर दिया.
एजेंसी के आने का सुनते ही दत्तू ने सर्राफा असोसिएशन के पदाधिकारियों को घटना की जानकारी दी. पदाधिकारियों ने नियमों का हवाला देते हुए सोना मुक्त करने का अनुरोध किया. 'मैराथन मीटिंग' के बाद पुलिस टीम गहने छोड़ने के लिए राजी हो गई. सूत्रों के अनुसार प्रकरण का निपटारा 10 प्रतिशत पर हुआ है. इसीलिए कोई भी इस प्रकरण की चर्चा नहीं कर रहा है. बताया जाता है कि सर्राफा बाजार के ही गुर्गे ने पुलिस टीम को टिप दी थी. इसीलिए पुलिस टांगा स्टैंड के पास ही दबिस देकर बैठी थी. इतवारी और लकड़गंज में हवाला व्यापारियों के 25 से 30 कार्यालय है. इनमें 8 से 10 बड़े कारोबारी है. उन्होंने हवाला कारोबार से अकूत संपत्ति बनाई है. सभी हवाला कार्यालय कुरियर सर्विस के नाम पर कारोबार करते है. अनाज बाजार परिसर का भुतड़ा चंबर हवाला आपरेटर्स का प्रमुख केंद्र है. जहां से रोज करोड़ों रुपए के हवाला की लेनदेन होती है. इस कारोबार को लकड़गंज पुलिस का आश्रय हासिल है. ताजा प्रकरण के बाद से व्यापारी पुलिस पर सवाल खड़े करने लगे है. उनका कहना है कि हवाला आपरेटर्स को नजरंदाज करके उन्हें परेशान किया जा रहा है.