नागपुर में फ्लाईओवर के नाम पर घमासान, कांग्रेस-बसपा सड़क पर उतरे
कमाल चौक से दिघोरी तक बने नए फ्लाईओवर को हेडगेवार का नाम दिए जाने पर कांग्रेस, बसपा और RPI ने विरोध जताया।
नागपुर शहर में कमाल चौक से दिघोरी तक बने 8.9 किलोमीटर लंबे नए फ्लाईओवर के नाम को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। उद्घाटन के दौरान ही कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी (बसपा), रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया और कई सामाजिक संगठनों ने इस फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार के इस कदम से शहर का सामाजिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश हो रही है।
आंदोलन में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि जिस शख्स का इस पुल के निर्माण में कोई योगदान नहीं रहा, उसका नाम देकर महापुरुषों की तौहीन की गई है। उन्होंने साफ कहा कि अगर सरकार ने यह नाम वापस नहीं लिया तो कानूनी लड़ाई के साथ-साथ उग्र आंदोलन भी किया जाएगा। रेशिमबाग चौक, कमाल चौक समेत शहर के कई इलाकों में सरकार विरोधी नारे गूंजते रहे।
दरअसल शुक्रवार रात भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से इस नए फ्लाईओवर को 'डॉ. केशव बलीराम पंत हेडगेवार फ्लाईओवर' नाम दिए जाने का ऐलान किया गया था। खास बात यह रही कि किसी भी सरकारी एजेंसी ने इस नाम की औपचारिक घोषणा नहीं की, फिर भी यह नाम सामने आते ही शहर में विरोध की आग भड़क उठी।
आंबेडकरी संगठनों का कहना है कि कांग्रेस की उस वक्त की सांसद सरोज खापर्डे ने कमाल चौक से गोलीबार चौक तक यह फ्लाईओवर बनवाया था, जो नागपुर का पहला फ्लाईओवर था। तब इंदौरा चौक से कमाल चौक तक के मार्ग को 'डॉ. बाबासाहब आंबेडकर मार्ग' और पुल को 'डॉ. बाबासाहब आंबेडकर फ्लाईओवर' नाम दिया गया था, जो अब तक चला आ रहा है। इन संगठनों का आरोप है कि मौजूदा राज्य सरकार ने बहुमत की ताकत और तानाशाही तरीके से मनमाने ढंग से यह नाम बदल दिया, जो भारत रत्न डॉ. बाबासाहब आंबेडकर का सीधा अपमान है।
कमाल चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी इस नामकरण के खिलाफ जमकर गुस्सा जाहिर किया। इस प्रदर्शन में प्रदेश युवा कांग्रेस के कुणाल राऊत, पार्षद गौतम अंबाडे, अभिषेक शंभरकर, आसिफ शेख, दिनेश यादव, मनोज बंसोड़, पार्षद कल्पना द्रोणकर, बंडोपंत टेंभुर्णे, चेतन तरारे और नीलेश खोरगडे समेत बड़ी तादाद में कार्यकर्ता शामिल हुए।
उधर बसपा ने रेशिमबाग चौक पर अपना विरोध दर्ज कराया। सुबह से ही पुलिस बसपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने की कोशिश में लगी रही, लेकिन कार्यकर्ता दिनभर पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े। शाम होते ही अचानक कई कार्यकर्ता रेशिमबाग चौक पर जमा हो गए और उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। बसपा नेताओं ने डॉ. हेडगेवार के नाम पर आपत्ति जताते हुए सरकार से जनभावनाओं को समझने की अपील की और मांग रखी कि फ्लाईओवर का नाम बाबासाहब आंबेडकर या सम्राट अशोक के नाम पर रखा जाए। इसके बाद अजनी पुलिस ने बसपा के प्रदेश महासचिव नाराजेकर, जिलाध्यक्ष योगेश लांजेवार, शहराध्यक्ष अनिकेत कुत्तरमारे, प्रदेश सचिव प्रफुल्ल मानके और विवेक हाडके, अमित बनसोडे सहित 25 से 30 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI), आंबेडकरी आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों ने भी इस फैसले को जनभावनाओं पर चोट और जनाक्रोश भड़काने वाला कदम बताया। कमाल चौक पर जमा होकर नेताओं ने नागपुर के इस पहले फ्लाईओवर के इतिहास की याद दिलाई और कहा कि यह मार्ग और पुल हमेशा से डॉ. आंबेडकर के नाम से ही पहचाना जाता रहा है।