नागपुर जिले में आसमानी बिजली गिरने से चार लोगों की मौत, दो दिन में हुए अलग-अलग हादसे
नागपुर जिले में शुक्रवार और शनिवार को हुई तेज बारिश के दौरान आसमानी बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई है। ये हादसे जिले के अलग-अलग तहसीलों में हुए, जिनमें दो चचेरे भाई, एक किसान और एक महिला मजदूर शामिल हैं।
सावनेर तहसील के तिष्टी (खुर्द) गांव में दो चचेरे भाइयों की बिजली गिरने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान तिबुराज राजेराम कानफाड़े (64) और लक्ष्मण घनश्याम कानफाड़े (55) के रूप में हुई है। दोनों शुक्रवार को मवेशी चराने के लिए खेत की तरफ गए थे। जब देर शाम तक दोनों घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने गांव वालों के साथ मिलकर उनकी तलाश शुरू कर दी। रात करीब 9 बजे दोनों तिष्टी (खुर्द) शिवार में स्थित माता-मां मंदिर परिसर में मृत हालत में मिले। गांव वालों का कहना है कि बारिश और बिजली से बचने के लिए दोनों मंदिर परिसर में रुके होंगे, तभी बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई होगी। दोनों की आर्थिक हालत कमजोर थी, इसलिए इस हादसे ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है।
वहीं कन्हान पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले भीजा खेड़ी गांव में खेत में मजदूरी करने गई 65 साल की सुलोचना ठाकरे की भी बिजली गिरने से मौत हो गई। शुक्रवार शाम वह दूसरी महिलाओं के साथ खेत में काम करने गई थीं। शाम करीब 5 बजे तेज बारिश के साथ बिजली की गरज-चमक शुरू हुई, और इसी दौरान बिजली गिरने से सुलोचना उसकी चपेट में आ गईं और उनकी मौत हो गई। रात तक जब वह घर नहीं लौटीं तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की, और शनिवार को खेत में उनका शव मिला। सूचना मिलते ही कन्हान पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
इसके अलावा उमरेड तहसील के अकोला शिवार में शनिवार को खेत में कृषि काम कर रहे 60 साल के किसान महादेव शिवराम साखरकर की भी बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में एक बैल की भी जान चली गई, जबकि दूसरा बैल गंभीर रूप से जख्मी हो गया। जानकारी के मुताबिक महादेव साखरकर शनिवार शाम करीब 4.30 बजे खेत में काम कर रहे थे, तभी अचानक मौसम बदला और बिजली गिरी। इसकी चपेट में आने से साखरकर बुरी तरह झुलस गए और उनकी वहीं मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। इस घटना ने अकोला गांव समेत पूरे इलाके में मातम का माहौल बना दिया है।