काळाचौकी में गणेशोत्सव के दौरान करंट लगने से 8 साल की बच्ची समेत दो की मौत
मुंबई के लालबाग इलाके में महागणपति पंडाल के पास करंट लगने से हुए हादसे में चार लोग जख्मी भी हुए, जिनमें से तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है।
मुंबई में गणेशोत्सव की रौनक के बीच काळाचौकी इलाके में एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसने पूरे माहौल को गमगीन कर दिया। लालबाग स्थित काळाचौकी महागणपति के पंडाल में करंट लगने से 8 साल की एक बच्ची समेत दो लोगों की जान चली गई। यह हादसा रात करीब ढाई बजे हुआ। इस घटना में चार लोग जख्मी भी हुए, जिनमें से तीन का इलाज ICU में चल रहा है।
मिली जानकारी के मुताबिक, काळाचौकी के दत्ताराम लाड मार्ग पर काळाचौकी विभाग सार्वजनिक उत्सव मंडल के पास आधी रात को करंट लगने की यह घटना हुई। गणेशोत्सव की वजह से लालबाग इलाके में भक्तों की भारी भीड़ जमा थी। इसी भीड़ में यह हादसा होने से आसपास हड़कंप मच गया।
करंट लगने के फौरन बाद जख्मियों को अस्पताल ले जाया गया। हादसे के बाद पंडाल के आसपास कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। डॉक्टर जख्मियों का इलाज कर रहे हैं और उनमें से तीन की हालत गंभीर बताई गई है।
इस हादसे में रागिनी घनश्याम यादव नाम की 8 साल की बच्ची की मौत हो गई। उसके परिवार वालों पर तो जैसे दुख का पहाड़ ही टूट पड़ा है।
इसके अलावा किरण अकबर नाइक, तन्मवी नरेश हांडे, साहिल संदीप तारे और रूही सिंह जख्मी हुए हैं। जख्मियों की उम्र 12 से 19 साल के बीच बताई जा रही है। इन सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस बीच हादसे में जख्मी हुई एक और महिला की ग्लोबल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जिससे इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर दो हो गई।
बच्ची के रिश्तेदारों ने बताया कि वे रात करीब दो बजे गणपति के दर्शन के लिए आए थे। इलाके में भारी भीड़ होने की वजह से उन्होंने वापस लौटने का फैसला किया था। दर्शन की लाइन से बाहर निकलते वक्त वे पंडाल के बगल में एक दुकान के पास रुक गए थे। लाइन में मौजूद बाकी भक्तों को रास्ता देने के लिए वे किनारे खड़े हुए थे। उसी जगह लाइटें लगी हुई थीं, और परिवार वालों के मुताबिक उसी जगह करंट लगा।
इस हादसे के बाद गणेशोत्सव के पंडालों में बिजली की व्यवस्था और भक्तों की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। बच्ची के रिश्तेदारों ने कहा कि पंडाल में बिजली का इंतजाम करते वक्त ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
"गणपति बिठाते हो, लेकिन सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा जाता," रिश्तेदारों ने इन शब्दों में अपना गुस्सा जताया। उन्होंने कहा कि अपनी बच्ची को खोने का दर्द शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
गणेशोत्सव के दौरान मुंबई के सार्वजनिक गणपति पंडालों में बड़ी तादाद में भक्त जमा होते हैं। ऐसे में बिजली की वायरिंग, पंडाल में लगे उपकरण और भीड़भाड़ वाली जगहों पर सुरक्षा का सही इंतजाम होना बेहद जरूरी हो जाता है। काळाचौकी के इस हादसे ने गणेशोत्सव मंडलों की सुरक्षा व्यवस्था के सवाल को फिर से खड़ा कर दिया है।