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21:12 IST

UPI पेमेंट पर नई MDR व्यवस्था, 2000 रुपये से ऊपर के ट्रांजैक्शन पर 0.4% चार्ज लागू

UPI से पेमेंट करने वालों के लिए नई खबर, बड़े व्यापारी ट्रांजैक्शन पर चार्ज लागू होगा जबकि P2P और छोटे दुकानदार पहले जैसे मुफ्त रहेंगे

UPI पेमेंट पर नई MDR व्यवस्था, 2000 रुपये से ऊपर के ट्रांजैक्शन पर 0.4% चार्ज लागू
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

UPI इस्तेमाल करने वालों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। नई MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट व्यवस्था लागू होने जा रही है, जिसके तहत पेमेंट सिस्टम में कुछ बदलाव देखने को मिलेंगे। इस नई रचना के मुताबिक 2,000 रुपये से ज्यादा के पात्र व्यापारी UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR चार्ज लगेगा। लेकिन आम आदमी को इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P ट्रांजैक्शन और पात्र छोटे व्यापारियों के लिए जीरो-MDR सुविधा पहले जैसे ही कायम रखी गई है।

देश में 3 करोड़ से ज्यादा सूक्ष्म उद्योग हैं जिनकी महीने की कमाई 1 लाख रुपये से कम है, इसलिए इन्हें UPI ट्रांजैक्शन पर कोई भी MDR चार्ज नहीं देना पड़ेगा। इसके अलावा किसी भी व्यक्ति के बीच होने वाले P2P UPI ट्रांजैक्शन पर भी कोई चार्ज नहीं लगेगा। असोचैम के अध्यक्ष निर्मल के. मिंडा ने बड़ी रकम वाले व्यापारी ट्रांजैक्शन के लिए लागू की गई इस नई UPI फ्रेमवर्क का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह नई पॉलिसी UPI की मजबूती बढ़ाएगी, नए आइडिया को बढ़ावा देगी, धोखाधड़ी रोकेगी और इसकी स्वीकार्यता बढ़ाएगी। साथ ही यह पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वीकृति नेटवर्क को भी मजबूत करेगी, जिससे देशभर के ग्राहकों और दुकानदारों को बेहतर सर्विस मिल सकेगी।

असोचैम ने सरकार के इस बैलेंस्ड रुख की तारीफ की है, जिसमें सभी P2P UPI ट्रांजैक्शन बिना किसी रकम की लिमिट के पूरी तरह फ्री रखे गए हैं। साथ ही 2,000 रुपये तक की व्यापारी पेमेंट भी MDR से मुक्त रहेंगी। यह नई व्यवस्था पात्र छोटे दुकानदारों को, खासकर उन फेरीवालों और लोकल दुकानदारों को जो P2P कैटेगरी के तहत UPI QR कोड से महीने में 1 लाख रुपये तक की रकम लेते हैं, जीरो-MDR का फायदा देती रहेगी। इससे छोटे कारोबारियों को एक्स्ट्रा पेमेंट खर्च से बचाया जा सकेगा।

खास बात यह है कि करीब 96% मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा और MDR चार्ज सिर्फ 4% व्यापारी ट्रांजैक्शन पर ही लगेगा। यानी रोजमर्रा की ज्यादातर व्यापारी पेमेंट बिना किसी MDR असर के पहले जैसी ही चलती रहेंगी। 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ खास व्यापारी ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लगेगा, जो 75,000 रुपये और उससे ज्यादा के ट्रांजैक्शन के लिए ज्यादा से ज्यादा 300 रुपये तक ही सीमित रहेगा। रेलवे, टेलिकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल और कृषि उत्पादों जैसे जरूरी और कम मुनाफे वाले सेक्टर में 2,000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर फिक्स 5 रुपये का MDR चार्ज लगेगा।

म्युचुअल फंड, सिक्योरिटीज, स्टॉकब्रोकर और डीलर सहित कैपिटल मार्केट ट्रांजैक्शन के लिए MDR 0.02% रहेगा, जो हर ट्रांजैक्शन पर ज्यादा से ज्यादा 300 रुपये तक सीमित होगा। इससे फॉर्मल फाइनेंशियल मार्केट में डिजिटल तरीकों को अपनाने को लगातार बढ़ावा मिलेगा। इस नई व्यवस्था में कुल MDR कलेक्शन का 5% हिस्सा एक खास फंड में रखा जाएगा, जिसका इस्तेमाल छोटे व्यापारियों में UPI के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और खासकर ग्रामीण व अर्ध-शहरी इलाकों में इसकी पहुंच बढ़ाने के लिए किया जाएगा।

निर्मल के. मिंडा ने बताया कि ग्राहकों और छोटे व्यापारियों के हितों का ध्यान रखते हुए एक स्थायी रेवेन्यू सिस्टम बनाने से इनोवेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और पेमेंट स्वीकृति में ज्यादा निवेश को सपोर्ट मिल सकेगा। इससे भारत के डिजिटल बदलाव में UPI की भूमिका और मजबूत होगी। यह पॉलिसी UPI की पहुंच, इनोवेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करते हुए इसकी लगातार ग्रोथ में मदद करेगी और एक ज्यादा टिकाऊ व समावेशी डिजिटल पेमेंट सिस्टम बनाने में सहायक होगी।

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