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14:45 IST

UPI पेमेंट पर लगे चार्ज को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, याचिका दाखिल

केंद्र सरकार के UPI शुल्क वाले फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है, याचिकाकर्ता ने इसे व्यापार की आजादी के खिलाफ बताया

UPI पेमेंट पर लगे चार्ज को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, याचिका दाखिल
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

केंद्र सरकार ने UPI पेमेंट पर चार्ज लगाने का जो फैसला लिया था, उसके खिलाफ अब देशभर में विरोध हो रहा है। यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI पेमेंट पर 0.4 प्रतिशत MDR चार्ज लगाने वाली सरकारी अधिसूचना को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। अंजन दत्ता नाम के याचिकाकर्ता ने कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है और इसमें कानून के सामने समानता और व्यापार करने के मूल अधिकार के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।

याचिकाकर्ता का कहना है कि यह फैसला बिना ठीक से चर्चा किए लागू किया जा रहा है और इसके लिए जो कानूनी प्रक्रिया अपनानी चाहिए थी, वो नहीं अपनाई गई। उनका मानना है कि इससे छोटे व्यापारियों पर बोझ पड़ेगा। एक्स्ट्रा UPI चार्ज से बचने के लिए दुकानदार फिर से कैश पेमेंट मांगना शुरू कर सकते हैं, जिसका सीधा असर डिजिटल इकोनॉमी को आगे बढ़ाने के मकसद पर पड़ेगा।

केंद्र सरकार ने ऐलान किया है कि 15 अक्टूबर से व्यापारियों को किए जाने वाले 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI पेमेंट पर 0.4 प्रतिशत चार्ज लगेगा। हालांकि व्यक्तियों के बीच होने वाले लेनदेन और छोटी रकम के ट्रांजैक्शन को इस चार्ज से बाहर रखा गया है। UPI पेमेंट पर शुल्क लगाने के इस फैसले से देश की राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि UPI पर लगाया गया यह टैक्स वापस लिया जाए।

नए नियम के मुताबिक 2,000 रुपये तक के UPI ट्रांजैक्शन पर कोई MDR नहीं लगेगा। 2,000 रुपये से ज्यादा के ग्राहक से व्यापारी के बीच होने वाले लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। मिसाल के तौर पर, 3,000 रुपये की खरीदारी पर व्यापारी को 0.4 प्रतिशत की दर से डिपॉजिटिंग बैंक को 12 रुपये चार्ज देना होगा। यह कमीशन बैंकों समेत पूरे पेमेंट सिस्टम के पार्टनर्स में बंटेगा। व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले लेनदेन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा।

75,000 रुपये और उससे ज्यादा रकम के पेमेंट पर MDR प्रति ट्रांजैक्शन ज्यादा से ज्यादा 300 रुपये तक सीमित रहेगा। टेलीकॉम, इंश्योरेंस और ईंधन जैसे जरूरी सेक्टर को प्रति ट्रांजैक्शन 5 रुपये का एक बार का MDR भरना होगा। म्युचुअल फंड और स्टॉक ब्रोकर्स को किए जाने वाले पेमेंट पर 0.02 प्रतिशत MDR लगेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये होगी। जिन छोटे व्यापारियों का महीने का टर्नओवर 1 लाख रुपये तक है, उन्हें सभी ट्रांजैक्शन पर अनिवार्य रूप से जीरो MDR दिया जाएगा।

UPI ऐप देने वाली कंपनियों को प्लेटफॉर्म फीस या किसी भी तरह का छिपा हुआ चार्ज लगाने की इजाजत नहीं होगी। बैंकों को सलाह दी गई है कि वे यह पक्का करें कि व्यापारी UPI पेमेंट के MDR चार्ज का बोझ ग्राहकों पर न डालें। व्यक्तियों के लिए फ्री UPI ट्रांजैक्शन पर कोई मासिक कोटा या संख्या की सीमा नहीं रहेगी।

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