पुणे में 21 हजार पानीपुरी से बनी 13 फीट की गणपति बप्पा की मूर्ति, वीडियो वायरल
पुणे के एफसी रोड स्थित गणेश भेळ के मालिकों ने पानीपुरी से गणपति की भव्य मूर्ति बनाकर सबको चौंका दिया, विसर्जन की बजाय पुरियों को सेंद्रिय खाद में बदला जाएगा।
गणेशोत्सव के दौरान इस बार पुणे से एक ऐसी मूर्ति की तस्वीर सामने आई है जिसने सबका ध्यान खींच लिया। ये मूर्ति मिट्टी से नहीं बल्कि हर किसी की फेवरेट पानीपुरी से बनाई गई है, और यही बात इसे बाकी सब गणेश मूर्तियों से अलग बनाती है।
पुणे के मशहूर एफसी रोड पर स्थित 'गणेश भेळ' के संचालकों ने भक्ति और क्रिएटिविटी का ऐसा मेल दिखाया कि उसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। मिली जानकारी के मुताबिक करीब 21,000 पानीपुरी का इस्तेमाल करके भगवान गणेश की 13 फीट ऊंची मूर्ति तैयार की गई है। रुपेश और दिनेश गुडमेवार ने करीब दो महीने की मेहनत के बाद इस मूर्ति को आकार दिया।
पानीपुरी बेहद कुरकुरी और नाजुक होती है, जिस वजह से ये आसानी से टूट सकती है। इसी वजह से उत्सव के दौरान मूर्ति को किसी भी तरह के नुकसान से बचाने और उसे सुरक्षित रखने के लिए खासतौर पर कारीगरों को लगाया गया था। सोशल मीडिया पर इस मूर्ति की तस्वीर और वीडियो खूब शेयर हो रहे हैं, और लोग इसे देखकर हैरान रह गए हैं।
इस अनोखी मूर्ति की सबसे खास बात ये है कि इसे पानी में विसर्जित नहीं किया जाएगा। जल प्रदूषण रोकने और खाने की बर्बादी टालने के मकसद से इन 21,000 पुरियों को प्रोसेस करके सेंद्रिय खाद यानी ऑर्गेनिक खाद में बदला जाएगा। यानी विसर्जन के बाद पुरियां पानी में बर्बाद होने की बजाय सही तरीके से इस्तेमाल की जाएंगी, और यही बात लोगों को सबसे ज्यादा पसंद आई है।
गणेश की इस अलग तरह की मूर्ति पर लोगों ने ढेर सारी प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने लिखा, "अरे वाह, ये कुछ अलग ही है।" वहीं दूसरे यूजर ने लिखा, "पर्यावरण का ख्याल रखते हुए लिया गया ये फैसला वाकई तारीफ के काबिल है।" एक और यूजर ने मजाक में पूछा, "क्या ये पुरियां बाद में खाई जा सकती हैं?"