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11:39 IST

'गोंधळ' फिल्म ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री बनी, संतोष डावखर हैं डायरेक्टर

फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने संतोष डावखर की मराठी फिल्म 'गोंधळ' को 99वें अकादमी अवॉर्ड्स के लिए बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में भारत की एंट्री चुना है।

'गोंधळ' फिल्म ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री बनी, संतोष डावखर हैं डायरेक्टर
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

मराठी सिनेमा के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। संतोष डावखर के डायरेक्शन में बनी मराठी फिल्म 'गोंधळ' को 99वें अकादमी पुरस्कार यानी ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के तौर पर चुना गया है। फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने 18 सितंबर को इसका ऐलान किया। देशभर से आई 33 फिल्मों में से 'गोंधळ' को 'बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म' कैटेगरी के लिए सिलेक्ट किया गया है।

आखिर संतोष डावखर हैं कौन? फिल्ममेकर के तौर पर पहचान बनाने से पहले उन्होंने अलग-अलग फील्ड में काम किया है। उनकी ऑफिशियल वेबसाइट 'डावखर फिल्म्स' के मुताबिक, वे प्रोजेक्ट कंसल्टेंट और सोशल एक्टिविस्ट के तौर पर भी काम करते रहे हैं। उनके करियर की शुरुआत एक प्रोफेसर के तौर पर हुई थी।

सिनेमा में आने से पहले कई तरह के अनुभव लेने के बाद उन्होंने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया यानी FTII से स्क्रीनप्ले राइटिंग का शॉर्ट कोर्स किया। इसके बाद सामाजिक रूप से अहम मुद्दों पर बनी फिल्मों और शॉर्ट फिल्मों के जरिए उन्होंने सिनेमा के फील्ड में काम शुरू किया।

डावखर की शुरुआती शॉर्ट फिल्मों में से एक 'अज्ञात' एक सोशल इश्यू पर बनी फिल्म थी, जिसमें क्लास डिफरेंस यानी वर्गभेद का मुद्दा उठाया गया था। 'अज्ञात' को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में सिलेक्ट किया गया और इस शॉर्ट फिल्म को कई अवॉर्ड्स भी मिले। इसके अलावा डावखर ने कैशलेस इकॉनॉमी से जुड़े एक सरकारी विज्ञापन का डायरेक्शन भी किया है।

इंटरनेशनल फिल्मों और फेस्टिवल्स के साथ जुड़ाव की वजह से संतोष डावखर की सिनेमा में दिलचस्पी और बढ़ती गई। उन्होंने खासतौर पर बताया कि कान्स फिल्म फेस्टिवल में बिताए वक्त का 'गोंधळ' के बनने पर बड़ा असर पड़ा। डावखर ने बताया कि कान्स में रहते हुए वे रोज कई फिल्में देखते थे। इसी अनुभव से उन्हें ऐसी फिल्म बनाने की प्रेरणा मिली जिसे इंटरनेशनल नजरिए से भी देखा जा सके।

'गोंधळ' बनाने की सोच के पीछे की वजह बताते हुए संतोष डावखर ने कहा कि इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में देखी गई फिल्मों का उन पर असर था। उनकी इच्छा थी कि भारत की संस्कृति और विरासत को इंटरनेशनल दर्शकों के सामने पेश करने वाली एक कहानी बनाई जाए।

फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने 99वें अकादमी पुरस्कारों के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के तौर पर 'गोंधळ' को चुना है। इस बार कुल 33 फिल्में ऑस्कर की सिलेक्शन प्रोसेस के लिए भेजी गई थीं। इनमें सबसे ज्यादा 14 हिंदी फिल्में थीं। मराठी, तेलुगु और गुजराती भाषा की चार-चार फिल्में शामिल थीं। इसके अलावा तीन तमिल, एक मलयालम और एक नागामीज फिल्म भी इस सिलेक्शन प्रोसेस में शामिल थी। खास बात ये कि इस लिस्ट में एक मूक फिल्म भी शामिल थी।

अब 'गोंधळ' के जरिए संतोष डावखर का सिनेमा इंटरनेशनल लेवल पर कितना आगे जाता है, इस पर मराठी सिनेमा जगत के साथ-साथ फिल्म लवर्स की नजर टिकी है।

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