पहली बैच के 19 हजार अग्निवीरों की नौकरी 31 दिसंबर को होगी खत्म
1 जनवरी 2023 को सेना में भर्ती हुए अग्निवीरों का 4 साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है, आगे क्या होगा इसकी चिंता बनी है
नई दिल्ली से खबर है कि 1 जनवरी 2023 को सेना में भर्ती हुए 19 हजार से ज्यादा अग्निवीरों की पहली टुकड़ी 31 दिसंबर को अपने 4 साल पूरे कर लेगी। उस रात ही इनकी पहली सरकारी नौकरी खत्म हो जाएगी। संरक्षण मंत्रालय का कहना है कि अग्निवीरों के लिए एक अलग रिटायरमेंट स्कीम बनाई गई है, लेकिन डेडलाइन नजदीक आने के साथ अग्निवीरों को अपने आगे के भविष्य की चिंता सता रही है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि 4 साल देश की सेवा करने के बाद, इन नौजवानों को 1 जनवरी को परमानेंट नौकरी का अपॉइंटमेंट लेटर मिलेगा या फिर इन्हें एक बार फिर नौकरी के लिए मुश्किल संघर्ष से गुजरना पड़ेगा। इस सवाल का अभी कोई जवाब नहीं है। अग्निपथ स्कीम के नियम के मुताबिक सिर्फ 25 फीसदी अग्निवीरों को ही सेना के रेगुलर कैडर में जगह मिलेगी। इसके लिए इनका कार्यकाल पूरा होने से पहले एक इंटरनल परीक्षा ली जाएगी। मतलब यह कि हर 100 अग्निवीरों में से 75 को किसी भी हालत में सेना से रिटायर होना ही पड़ेगा। 19 हजार की पहली टुकड़ी में से 14 हजार से ज्यादा नौजवानों को रिटायर होना पड़ेगा।
सरकार का कहना है कि रिटायर होने वाले अग्निवीरों में से 75 फीसदी को बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ और रेलवे जैसे पैरामिलिट्री फोर्स में नौकरी दी जाएगी। इसके लिए गृह मंत्रालय ने 10 फीसदी आरक्षण और फिजिकल टेस्ट में छूट भी दी है। मगर असलियत यह है कि सरकारी विभागों में खाली पदों की भर्ती प्रोसेस में कई-कई महीने और साल लग जाते हैं। इसलिए 31 दिसंबर को रिटायर होने के तुरंत बाद ही दूसरी नौकरी का जॉइनिंग लेटर मिलने की उम्मीद पर बड़ा सवालिया निशान है।
4 साल की सेवा के बाद अग्निवीरों को करीब 11 लाख रुपये के सेवा निधि पैकेज के साथ नौकरी से मुक्त कर दिया जाएगा। लेकिन रेगुलर सैनिकों की तरह इन्हें एक्स-सर्विसमैन को मिलने वाली उम्र भर की पेंशन, ईसीएचएस की मेडिकल सुविधा या कैंटीन की सुविधा नहीं मिलेगी।
जहां आम नौजवान 21-22 साल की उम्र में अपने करियर की शुरुआत करते हैं, वहीं एक वक्त सरकारी नौकरी में रहे ये नौजवान 31 दिसंबर को अपनी पहली नौकरी खो देंगे और एक नए, अनिश्चित भविष्य का सामना करना पड़ेगा।