युद्धविराम के बावजूद गाझा में इस्रायली हमले जारी, तीन फिलिस्तीनियों की मौत
घिरे हुए गाझा पट्टी में इस्रायली हवाई और ड्रोन हमलों में तीन लोगों की जान गई, इनमें स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी का बेटा भी शामिल।
घिरे हुए गाझा पट्टी में शनिवार को इस्रायली हवाई और ड्रोन हमलों में कम से कम तीन फिलिस्तीनियों की मौत हो गई। मरने वालों में गाझा के स्वास्थ्य मंत्रालय के महासंचालक मुनीर अल-बुर्श के बेटे का भी नाम है। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक गाझा के अलग-अलग इलाकों में हुए इन हमलों में और भी कई लोग घायल हुए हैं।
उत्तरी गाझा में जबालिया शरणार्थी शिविर के पास हुए एक ड्रोन हमले में बसीर अल-बुर्श की मौत हुई। इसके अलावा गाझा सिटी के शुजाईया इलाके में भी हमला हुआ। मध्य गाझा के नुसेरात शरणार्थी शिविर के आसपास इस्रायली गोलीबारी में घायल हुई एक लड़की की भी मौत हो गई।
शेख रदवान इलाके में एक गाड़ी को निशाना बनाकर किए गए हमले में भी एक फिलिस्तीनी की जान गई है। इन घटनाओं की वजह से गाझा के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल फिर गंभीर हो गए हैं।
इस्रायल और हमास के बीच अक्टूबर 2025 में युद्धविराम का ऐलान हुआ था। लेकिन उसके बाद भी गाझा में बीच-बीच में हवाई हमले, गोलीबारी और ड्रोन हमलों की घटनाएं होती रही हैं। गाझा के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक युद्धविराम लागू होने के बाद भी सैकड़ों फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है।
इस्रायली सेना का कहना है कि कुछ हमलों में आतंकी या सशस्त्र गुटों के सदस्यों को निशाना बनाया गया। वहीं फिलिस्तीनी अधिकारी लगातार आम नागरिकों की मौत पर चिंता जता रहे हैं।
लगातार चल रहे संघर्ष की वजह से गाझा की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव है। स्थानीय अधिकारियों और राहत संगठनों के मुताबिक अस्पतालों में दवाइयों, ईंधन और बचाव कार्य के उपकरणों की भारी कमी है।
गाझा के बड़े हिस्से में इमारतें या तो पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हैं। हजारों परिवारों को अस्थायी शरण स्थलों में रहना पड़ रहा है। ऐसे हालात में नए हमलों की वजह से लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। युद्धविराम के बावजूद हिंसा की घटनाएं थम नहीं रहीं, जिससे गाझा का मानवीय संकट और गहरा होता जा रहा है।