ऑस्कर 2027 के लिए भारत की एंट्री बनी मराठी फिल्म 'गोंधळ', मुख्यमंत्री फडणवीस ने दी बधाई
फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया की चयन समिति ने 33 फिल्मों में से संतोष डावखर निर्देशित 'गोंधळ' को ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री चुना है।
मराठी फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ी खबर आई है। संतोष डावखर द्वारा लिखी और निर्देशित फिल्म 'गोंधळ' को ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के तौर पर चुना गया है। फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया की चयन समिति ने कुल 33 फिल्मों में से इस फिल्म को छांटा है।
पिछले साल 'धुरंधर' फिल्म ने खूब चर्चा बटोरी थी, और उसकी कहानी को देखते हुए माना जा रहा था कि यही फिल्म ऑस्कर तक जा सकती है। लेकिन सबको चौंकाते हुए 'गोंधळ' ने ऑस्कर तक अपनी जगह बना ली।
यह फिल्म महाराष्ट्र की लोकपरंपरा और सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन के रिश्ते को बयां करती है। इसकी तारीफ खुद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी की है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्विटर पर 'गोंधळ' की ऑस्कर के लिए चयन होने पर पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं।
महाराष्ट्र सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल सीएमओ महाराष्ट्र से 18 सितंबर 2026 को किए गए ट्वीट में लिखा गया कि यह मराठी सिनेमा के लिए गर्व का पल है। इसमें कहा गया कि संतोष डावखर की 'गोंधळ' को ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री चुना गया है, और फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया की चयन समिति ने 33 फिल्मों में से इसे चुना है। यह फिल्म अब महाराष्ट्र की समृद्ध लोकपरंपरा और संस्कृति के साथ अपना नाता जोड़ते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। ट्वीट में 'गोंधळ' की पूरी टीम को दिल से बधाई भी दी गई, और कहा गया कि महाराष्ट्र की मिट्टी में रुजी यह कहानी अब दुनिया भर में नई ऊंचाई छू रही है।
फिल्म के निर्देशक संतोष डावखर ने बताया कि भारतीय परंपरा और सांस्कृतिक समृद्धि को फिल्म की कहानी में लाना ही उनका मकसद था। उन्होंने कहा कि भारत को एक समृद्ध और गर्व लायक संस्कृति मिली है, और सिनेमा के जरिए उसी संस्कृति का प्रतिनिधित्व करना था। 'गोंधळ' फिल्म संतोष डावखर ने खुद लिखी है और खुद ही निर्देशित भी की है, जिसमें मानसिक और सांस्कृतिक थरार दिखाने की कोशिश की गई है।
फिल्म की कहानी सुमन नाम की एक नवविवाहित लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी पृष्ठभूमि महाराष्ट्र की पारंपरिक धार्मिक-सांस्कृतिक रस्म 'गोंधळ' पर आधारित है। सुमन की शादी आनंद से होती है, लेकिन शादी के बाद उसकी जिंदगी में एक अनपेक्षित और दुखद मोड़ आता है। फिल्म में इंसानी मन के डर, बेचैनी, मानसिक संघर्ष और रिश्तों की उलझनों को दिखाया गया है। पारंपरिक 'गोंधळ' रस्म को केवल दिखावे के तौर पर नहीं, बल्कि कहानी के भाव और मूल भावनाओं से जोड़कर पेश किया गया है।