पनवेल-कर्जत नई लोकल लाइन का 99 फीसदी काम पूरा, CRS मंजूरी के बाद ही सर्विस शुरू होगी
नवी मुंबई और कर्जत इलाके के यात्रियों के लिए राहत की खबर, पनवेल-कर्जत के बीच बन रही नई सबअर्बन रेलवे लाइन लगभग तैयार, अभी CRS की सुरक्षा मंजूरी बाकी
नवी मुंबई और कर्जत इलाके में रोज सफर करने वालों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। पनवेल और कर्जत के बीच जो नई सबअर्बन रेलवे लाइन बनाई जा रही है, वो अब पूरा होने के आखिरी पड़ाव पर पहुंच गई है। इस प्रोजेक्ट का करीब 99 फीसदी काम खत्म हो चुका है और जो बचा हुआ तकनीकी काम और टेस्टिंग है, वो तेजी से चल रहा है। रेलवे सेफ्टी कमिश्नर यानी CRS से सुरक्षा मंजूरी मिलते ही इस रूट पर रेगुलर लोकल सर्विस शुरू करने का रास्ता साफ हो जाएगा।
मुंबई रेलवे विकास कॉर्पोरेशन (MRVC) मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट-3 (MUTP-3) के तहत पनवेल-कर्जत के बीच डबल रेलवे लाइन बनाने का काम कर रहा है। करीब 2,782 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट से पनवेल और कर्जत के बीच एक अल्टरनेट सबअर्बन रूट मिल जाएगा। अभी इन दोनों जगहों के बीच सीधी सबअर्बन ट्रेन कनेक्टिविटी नहीं है, जिस वजह से यात्रियों को ज्यादा वक्त लगाकर सफर करना पड़ता है। नई लाइन शुरू होने के बाद ये सफर आसान और तेज हो जाएगा, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है।
पनवेल-कर्जत रूट पर कुल पांच स्टेशन होंगे - पनवेल, चिखले, पोयंजे, चौक और कर्जत। पहले जिस स्टेशन को 'मोहापे' कहा जाता था, अब उसका नाम बदलकर 'पोयंजे' कर दिया गया है।
इस लाइन पर कुल तीन टनल हैं, जिनकी कुल लंबाई करीब 3.164 किलोमीटर है। इनमें से 2.625 किलोमीटर लंबा वावर्ले टनल मुंबई के सबअर्बन रेलवे नेटवर्क के सबसे बड़े और लंबे टनलों में गिना जाएगा। पहाड़ी इलाके से लाइन ले जाने के लिए मॉडर्न इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है।
प्रोजेक्ट में टनलों की खुदाई और आखिरी लेवल का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा बड़े-छोटे पुल, पांच फ्लाईओवर और 16 अंडरपास भी इसमें शामिल हैं, जिनमें से कुछ का काम आखिरी स्टेज में है। पुणे एक्सप्रेसवे के नीचे बने अंडरपास में रेलवे ट्रैक जोड़ने का काम भी पूरा हो चुका है।
नया पनवेल स्टेशन शुरू हो चुका है, वहीं चिखले और पोयंजे स्टेशन की बिल्डिंग का काम पूरा हो गया है। चौक और कर्जत स्टेशन पर प्लेटफॉर्म, सर्कुलेटिंग एरिया, कवर ओवर प्लेटफॉर्म, लिफ्ट, एस्केलेटर और बाकी यात्री सुविधाओं का काम आखिरी स्टेज में चल रहा है।
पनवेल-कर्जत लाइन पर सिग्नल सिस्टम से जुड़े काम में भी तेजी आई है। पोयंजे और चौक में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग के लिए फैक्ट्री एक्सेप्टेंस टेस्ट (FAT) और साइट एक्सेप्टेंस टेस्ट (SAT) सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं। टेलीकॉम और बाकी रेलवे सिस्टम का काम अभी चल रहा है।
बाकी बचे तकनीकी टेस्ट पूरे होने के बाद रेलवे सेफ्टी कमिश्नर (CRS) इस रूट की सुरक्षा जांच करेंगे। CRS की मंजूरी मिलने के बाद ही रेगुलर सबअर्बन ट्रेन सर्विस शुरू की जा सकेगी।
MRVC ने इस प्रोजेक्ट को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। प्रोजेक्ट का 100 फीसदी काम पूरा होने के बाद यह लाइन सेंट्रल रेलवे को सौंपी जाएगी। उसके बाद लोकल सर्विस शुरू करने को लेकर फाइनल फैसला लिया जाएगा। सेंट्रल रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, करीब जनवरी 2028 तक पनवेल-कर्जत के बीच लोकल सर्विस शुरू होने की संभावना है।
नई लाइन शुरू होने के बाद पनवेल, नवी मुंबई, चौक, कर्जत और आसपास के इलाकों के यात्रियों को बड़ा फायदा होगा। यही वजह है कि इस रूट पर लोकल सर्विस शुरू होने का यात्रियों को बेसब्री से इंतजार है।