नया व्यवसाय शुरू करने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, वर्किंग कैपिटल और नेटवर्क की प्लानिंग कैसे करें
बिजनेस शुरू करने वालों के लिए मार्केट नेटवर्क, वर्किंग कैपिटल रिजर्व और ऑनलाइन मार्केटिंग को लेकर जरूरी सलाह।
अपना बिजनेस शुरू करने का सोच रहे हैं तो पहले कुछ बुनियादी बातें समझ लेना बहुत जरूरी है। अक्सर देखा जाता है कि लोग सिर्फ जोश में आकर, बिना मार्केट का ठीक से अभ्यास किए या पहले से कोई तैयारी किए बगैर सीधे बिजनेस में उतर जाते हैं। बाद में उन्हें नाकामी का सामना करना पड़ता है। इसीलिए छोटा हो या बड़ा, कोई भी बिजनेस हो, कुछ मूलभूत चीजों पर ध्यान देना जरूरी है, वरना लगाई गई पूंजी डूब सकती है।
सबसे पहली बात है मार्केट नेटवर्क की। आपका प्रॉडक्ट मार्केट तक और ग्राहकों तक पहुंचे, इसके लिए एक मजबूत नेटवर्क बेहद जरूरी है। अगर आप पहली पीढ़ी के कारोबारी हैं, यानी पहली बार बिजनेस में कदम रख रहे हैं, तो ग्राहकों को जोड़ना और नेटवर्क बनाना और भी ज्यादा अहम हो जाता है। इसके लिए इन्वेस्टर, खरीदार, व्यापारी और आम लोगों से संपर्क बनाना पड़ता है। इन सबसे अच्छे व्यावहारिक रिश्ते बनाना जरूरी है। एक बार बिजनेस शुरू करने के बाद अगर छोटा भी मगर मजबूत ग्राहक वर्ग बन जाए, तो वह लंबे समय में फायदेमंद साबित होता है।
दूसरी अहम बात है मार्केट की मांग और कॉम्पिटीशन को समझना। कई बार लोग सिर्फ इसलिए बिजनेस शुरू कर देते हैं क्योंकि सामने वाले का वही धंधा अच्छा चल रहा है। लेकिन हर बार यह फैसला सही साबित हो, ऐसा जरूरी नहीं। किसी और का बिजनेस अच्छा चल रहा है इसका मतलब यह नहीं कि आपका भी उसी तरह चलेगा। इसलिए लोगों की जरूरत क्या है, उसी हिसाब से बिजनेस शुरू करना चाहिए। शुरुआत में कम मार्जिन रखकर काम शुरू करें, जिससे नेटवर्क मजबूत होगा, डिमांड भी बढ़ेगी और सप्लाई रेट भी ठीक बना रहेगा।
तीसरी बात है वर्किंग कैपिटल रिजर्व रखने की। इसका मतलब है ऐसा फंड जो आपकी मौजूदा बिजनेस जरूरतों को पूरा कर सके। मान लीजिए आपकी दुकान में 1 लाख रुपए का स्टॉक या रॉ मटेरियल लगता है, स्टाफ की सैलरी के लिए 1 लाख रुपए, 50 हजार रुपए लाइट बिल में और रजिस्ट्रेशन व अन्य खर्चों में 50 हजार रुपए जाते हैं, तो इस पूरे हिसाब को जोड़कर आपके पास 3 लाख रुपए का वर्किंग कैपिटल रिजर्व होना चाहिए। जितने पैसों के साथ आप बिजनेस में उतर रहे हैं, उतनी ही कीमत का वर्किंग कैपिटल आपके पास होना जरूरी है, ताकि उधारी के पैसे फंसने या कैश अटक जाने की सूरत में भी बिजनेस पर आंच न आए। यह प्लानिंग अगले 3 महीनों के लिए तो होनी ही चाहिए।
चौथी बात है ऑनलाइन मार्केटिंग की। बिजनेस छोटा हो या बड़ा, उसमें पैसा कहां और कैसे लगाना है यह सही तरीके से पता होना चाहिए। इसमें से एक हिस्सा मार्केटिंग के लिए तय करना बहुत जरूरी है। सोशल मीडिया पर आपका बिजनेस दिखना बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे ज्यादा ग्राहक जुड़ेंगे और साथ ही ग्राहकों का फीडबैक भी मिलेगा और प्रॉडक्ट का प्रचार भी हो सकेगा।