MPSC सुधार समिति प्रमुख वी. राधा बोलीं, संस्था को मजबूत करना जरूरी, गलतियां जरूर हुई होंगी
परीक्षा पद्धति में सुधार के लिए बनी उच्चस्तरीय समिति की प्रमुख वी. राधा ने नागपुर में समीक्षा के बाद MPSC को लेकर बड़ा बयान दिया।
MPSC यानी महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग की परीक्षा को लेकर उम्मीदवारों के मन में भरोसे की कमी जरूर आई है, लेकिन संस्था को मजबूत बनाकर और परीक्षा पद्धति में जरूरी सुधार करके इसे दूर किया जाएगा। यह बात परीक्षा पद्धति सुधार के लिए राज्य सरकार द्वारा बनाई गई उच्चस्तरीय समिति की प्रमुख और सामान्य प्रशासन विभाग की अपर मुख्य सचिव वी. राधा ने कही।
वी. राधा कल यानी 16 सितंबर को नागपुर में प्रशासन की तरफ से हुई समीक्षा बैठक के बाद बोल रही थीं। इस बैठक में परीक्षा पद्धति में सुधार के लिए क्या-क्या किया जाना चाहिए, इस पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि MPSC का ढांचा बढ़ाकर उसे ज्यादा स्टाफ और जरूरी संसाधन दिए जाने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने बताया कि MPSC के कामकाज में सुधार के लिए सरकार की तरफ से एक रोडमैप तैयार किया जाएगा।
वी. राधा ने कहा कि MPSC की खुद की बिल्डिंग बन रही है और संस्था को सुरक्षित माहौल के साथ-साथ जरूरी संसाधन देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यूपीएससी भी परीक्षा आयोजित करती है, इसलिए परीक्षा प्रणाली के कामकाज के तरीके पर भी विचार करना जरूरी है। उनके मुताबिक जैसे चुनाव आयोग जिला अधिकारियों की मशीनरी की मदद से चुनाव कराता है, वैसे ही MPSC को हर जिले और तालुका में अपना अलग स्टाफ रखने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि MPSC एक संवैधानिक संस्था है और पहले भी उसने ठीक तरीके से काम करके दिखाया है।
MPSC में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए एक अलग एसआईटी बनाई जाएगी, यह भी वी. राधा ने बताया। उन्होंने साफ कहा कि भ्रष्ट कामकाज को लेकर जीरो टॉलरेंस रहना चाहिए और जो भी दोषी पाए जाएं, उन पर कार्रवाई होनी जरूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा पद्धति में सुधार करना और दोषियों पर कार्रवाई करना, ये दोनों अलग-अलग मुद्दे हैं।
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