गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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00:24 IST

MPSC पेपर लीक: विद्यार्थियों ने अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर विद्यार्थियों का आंदोलन तेज, कांग्रेस, NCP और CJP का समर्थन

MPSC पेपर लीक: विद्यार्थियों ने अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग यानी MPSC को लेकर विवाद और गहरा गया है। परीक्षा में गड़बड़ी, पेपर लीक और उत्तरपत्रिकाओं के मूल्यांकन पर सवाल उठाते हुए उम्मीदवारों ने आंदोलन तेज कर दिया है। इस आंदोलन को अब राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का भी साथ मिल रहा है, जिससे राज्य सरकार और भर्ती आयोग पर दबाव बढ़ गया है।

पूरा विवाद मार्च 2026 में हुई ड्रग इंस्पेक्टर ग्रुप-बी स्क्रीनिंग परीक्षा से जुड़ा है। आरोप है कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक हो गया था और यह कुछ उम्मीदवारों तक पहले ही पहुंच गया था। मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में MPSC के अंडर-सेक्रेटरी अभिजित लेंडवे, दो असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर और चार अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार लोगों में एक महिला उम्मीदवार भी शामिल है, जिसने इस परीक्षा में सातवां रैंक हासिल किया था।

पेपर लीक के अलावा उम्मीदवारों ने स्टेट सर्विसेज मुख्य परीक्षा 2025 और एग्रीकल्चर सर्विसेज परीक्षा की वर्णनात्मक उत्तरपत्रिकाओं के मूल्यांकन में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया है। विद्यार्थियों का कहना है कि मूल्यांकन प्रक्रिया में खामियों की वजह से योग्य उम्मीदवारों को नुकसान हुआ हो सकता है, इसलिए वे पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।

आंदोलनकारी उम्मीदवारों ने चार मुख्य मांगें रखी हैं। पहली, MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार और सचिव तुरंत इस्तीफा दें। दूसरी, ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रारंभिक रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। तीसरी, गिरफ्तार अंडर-सेक्रेटरी अभिजित लेंडवे के कार्यकाल में हुई सभी परीक्षाओं की स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कराई जाए। चौथी, 25 अक्टूबर 2026 को होने वाली ग्रुप-सी क्लर्क और टाइपिस्ट प्रारंभिक परीक्षा के लिए पारदर्शी और सुरक्षित व्यवस्था बनाई जाए।

इस आंदोलन को कांग्रेस, NCP (शरद पवार गुट) और कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP जैसे राजनीतिक-सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। CJP के संस्थापक अभिजित डिपके ने 13 सितंबर को छत्रपति संभाजीनगर के वालूज स्थित अपने घर पर आंदोलनकारी उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और 24 सितंबर तक की अल्टीमेटम दे दी। डिपके ने चेतावनी दी है कि यदि इस तारीख तक MPSC अध्यक्ष और सचिव इस्तीफा नहीं देते, तो उनका संगठन महाराष्ट्र भर के MPSC कोचिंग सेंटरों और जिलों में जाकर आंदोलन तेज करेगा।

दूसरी ओर, MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार का कहना है कि ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक की घटना उनके अध्यक्ष पद संभालने से पहले हुई थी। आयोग ने यह भी संकेत दिया है कि परीक्षा प्रणाली की जांच और उसमें सुधार की सिफारिश के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनाई जाएगी। इसके बावजूद आंदोलनकारी उम्मीदवार संतुष्ट नहीं हैं और जवाबदेही, स्वतंत्र जांच और भर्ती प्रक्रिया में ज्यादा पारदर्शिता की मांग पर अड़े हुए हैं।

यह विवाद अब महाराष्ट्र की प्रतिस्पर्धी परीक्षा प्रणाली की साख के लिए नई चुनौती बन गया है, क्योंकि हजारों उम्मीदवार सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहते हैं।

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