गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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गोंदिया में गणेशोत्सव के लिए पुलिस चौकस, ध्वनि प्रदूषण पर सख्त कार्रवाई के आदेश

गोंदिया जिले में गणेशोत्सव शांति और उत्साह से मनाने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है, डीजे और आवाज की सीमा पर सख्ती के निर्देश दिए गए हैं।

गोंदिया में गणेशोत्सव के लिए पुलिस चौकस, ध्वनि प्रदूषण पर सख्त कार्रवाई के आदेश
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

गोंदिया जिले में इस बार गणेशोत्सव शांति से, सुरक्षित माहौल में और उत्साह के साथ निपटे, इसके लिए पुलिस और जिला प्रशासन ने जरूरी तैयारी शुरू कर दी है। सार्वजनिक गणपती मंडल, "एक गांव एक गणपती" योजना और घर-घर में होने वाले गणेशोत्सव को ध्यान में रखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने और ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पूरी पुलिस मशीनरी तैयार रखी जाएगी। यह जानकारी पुलिस प्रशासन की तरफ से 14 तारीख को दी गई।

प्रशासन के मुताबिक साल 2026 में जिले में 700 सार्वजनिक गणपती मंडल, 445 "एक गांव एक गणपती" और करीब 5 हजार 950 घरेलू गणपतियों की स्थापना होने की संभावना है। जिले के 16 पुलिस स्टेशनों से मिली जानकारी के अनुसार इस साल सार्वजनिक गणपती मंडलों की संख्या में 4 की, "एक गांव एक गणपती" योजना के गणपतियों की संख्या में 5 की और घरेलू गणपतियों की संख्या में 20 की बढ़ोतरी होने का अनुमान है।

पर्यावरण संरक्षण कानून 1986 और ध्वनि प्रदूषण अधिनियम 2000 के नियमों के हिसाब से गणेशोत्सव के दौरान औद्योगिक इलाकों में 75 डेसिबल, रिहायशी इलाकों में 65 डेसिबल और सरकारी अस्पताल के आसपास 55 डेसिबल से ज्यादा आवाज नहीं होनी चाहिए। इन नियमों का पालन न करने पर पुलिस प्रशासन को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिन इलाकों में तय सीमा के हिसाब से डीजे का आवाज रखना जरूरी है, वहां अगर आवाज इससे ज्यादा बढ़ी तो संबंधित मंडल और डीजे चालक-मालिक पर तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीजे की कर्कश आवाज से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर असर न पड़े, इसका ध्यान रखने और गणेशोत्सव की रैली में लेजर लाइट, मिड मिक्सर और मिक्सर लाइट का इस्तेमाल न हो, इसके लिए भी सख्त निर्देश दिए गए हैं।

जिले में गणेशोत्सव बड़े उत्साह से मनाया जाता है। इस दौरान अलग-अलग जगहों पर गणेश मूर्ति की स्थापना, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा विसर्जन जुलूस निकाला जाता है। इसे देखते हुए नागरिकों की सुरक्षा, ट्रैफिक व्यवस्था और सार्वजनिक शांति को प्राथमिकता देते हुए पुलिस और प्रशासन योजना बना रहे हैं।

सार्वजनिक गणपती मंडलों से कहा गया है कि वे प्रशासन के तय किए गए नियमों का पालन करें। लाउडस्पीकर के इस्तेमाल, जुलूस, ट्रैफिक, मंडप की व्यवस्था और बिजली की सुरक्षा जैसी बातों का ध्यान मंडलों को खुद रखना होगा। साथ ही "एक गांव एक गणपती" योजना के जरिए सामाजिक सद्भाव, भाईचारे और शांति का संदेश देते हुए उत्सव मनाने की अपील की गई है।

प्रशासन ने साफ कहा है कि गणेशोत्सव के दौरान अफवाहों, आपत्तिजनक मैसेज या समाज में तनाव फैलाने वाली किसी भी जानकारी पर नागरिक भरोसा न करें। कोई भी गलत घटना या संदिग्ध बात नजर आए तो तुरंत संबंधित पुलिस को इसकी जानकारी दी जाए।

पर्यावरण के अनुकूल तरीके से गणेशोत्सव मनाने के लिए नागरिकों से अपील की गई है कि वे इको-फ्रेंडली गणेश मूर्तियों का इस्तेमाल करें, सार्वजनिक जगहों पर सफाई बनाए रखें और मूर्ति विसर्जन के लिए प्रशासन द्वारा तय किए गए विसर्जन स्थलों का ही इस्तेमाल करें।

पुलिस और जिला प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि गणेशोत्सव खुशी, श्रद्धा और सामाजिक एकता का पर्व है, इसलिए शांति, सुरक्षा और आपसी सद्भाव बनाए रखते हुए यह उत्सव उत्साह के साथ मनाया जाए।

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