अग्निपथ योजना: 4 साल पूरे होने से पहले ही अग्निवीरों को अगली नौकरी मिलेगी, केंद्र सरकार का नया प्लान
अग्निवीरों के करियर को लेकर लंबे समय से चल रही चिंता पर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है, अब चार साल की सेवा खत्म होने से पहले ही अगली नौकरी तय हो जाएगी।
अग्निपथ योजना को लेकर पिछले कुछ सालों से लगातार बहस चल रही है। हर अग्निवीर के मन में यही सवाल था कि चार साल बाद क्या होगा, नौकरी का क्या होगा। अब केंद्र सरकार ने इस मामले में बड़ा फैसला ले लिया है। सरकार अग्निवीरों के लिए एक नया सिस्टम तैयार कर रही है, जिसमें अग्निवीर की चार साल की नौकरी खत्म होने से पहले ही उसकी अगली नौकरी फिक्स कर दी जाएगी। इससे उसे इधर उधर चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। संरक्षण मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक इसके लिए एक नई सेवामुक्ति योजना बनाई जा रही है।
अग्निपथ योजना में भर्ती हुई पहली बैच जनवरी 2027 में बाहर आने वाली है। यह बैच 1 जनवरी 2023 को भर्ती हुई थी, जिसमें 19 हजार से ज्यादा अग्निवीर शामिल हैं। यही वजह है कि सरकार को अब जल्दी करनी पड़ रही है।
पहले जैसा तय था उसके मुताबिक 25 फीसदी अग्निवीरों को सेना में ही स्थायी रखा जाएगा, लेकिन अब इसकी प्रक्रिया बदल दी गई है। पहले सभी चार साल पूरे करके बाहर निकलते थे और फिर 25 फीसदी लोगों को वापस लिया जाता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब चार साल पूरे होने से पहले ही अंदर परीक्षा और उनके काम का मूल्यांकन किया जाएगा। इसी के आधार पर मेरिट लिस्ट बनेगी और कौन 25 फीसदी में रहेगा यह पहले ही तय हो जाएगा। यानी उनकी नौकरी में कोई गैप नहीं आएगा, वे सीधे नियमित सैनिक बन जाएंगे।
असली सवाल बाकी बचे 75 फीसदी लोगों का है। जो सेना में स्थायी नहीं रहेंगे, उनके लिए भी सरकार ने प्लान बनाया है। उन्हें दूसरी सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए गृह मंत्रालय एक खास पोर्टल बना रहा है, उसी पोर्टल के जरिए उनकी भर्ती होगी। मकसद यही है कि सेना से बाहर निकलने से पहले ही उनके हाथ में दूसरी नौकरी का ऑफर लेटर हो।
सरकार ने अग्निवीरों के लिए कई जगह आरक्षण भी रखा है। BSF, CRPF, CISF, ITBP और असम राइफल्स में कॉन्स्टेबल और राइफलमैन पद के लिए 50 फीसदी आरक्षण है, और सबसे बड़ी बात यह कि इन्हें लिखित परीक्षा और फिजिकल टेस्ट नहीं देना होगा, इससे उन्हें छूट दी गई है। रेलवे में भी आरक्षण दिया गया है। लेवल 1 की पोस्ट के लिए 10 फीसदी और लेवल 2 से आगे की पोस्ट के लिए 5 फीसदी आरक्षण रखा गया है। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार के कई विभागों में भी अग्निवीरों को प्राथमिकता दी जा रही है।
अग्निपथ योजना का नियम सीधा है, चार साल सेना में नौकरी करनी है, इनमें से 25 फीसदी सेना में ही स्थायी होंगे और 75 फीसदी बाहर आएंगे। बाहर आने के बाद उन्हें नौकरी के लिए भटकना न पड़े, इसीलिए यह नई योजना लाई गई है। चार साल देश सेवा करने के बाद जब अग्निवीर बाहर आएगा, तब उसके हाथ में दूसरी नौकरी का रास्ता पहले से तैयार होगा, इसकी गारंटी सरकार ले रही है। इस फैसले से अग्निवीर और उनके घरवालों में जो डर था वह थोड़ा कम होगा, उन्हें चार साल बाद बेरोजगार होने की चिंता नहीं सताएगी।