शनिवार, 19 सितमबर 2026

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21:10 IST

विमल इलायची विज्ञापन मामला: तुकाराम मुंढे बोले, सेलिब्रिटी होने से कानून से छूट नहीं

महाराष्ट्र FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने विमल इलायची के विज्ञापन में शाहरुख खान, अजय देवगण और टाइगर श्रॉफ को दी नोटिस पर सख्त रुख अपनाया।

विमल इलायची विज्ञापन मामला: तुकाराम मुंढे बोले, सेलिब्रिटी होने से कानून से छूट नहीं
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर छिड़ा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। महाराष्ट्र के अन्न व औषध प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने साफ कर दिया है कि इस मामले में सेलिब्रिटियों को कानून से अलग रियायत नहीं मिलेगी। शाहरुख खान, अजय देवगण और टाइगर श्रॉफ को पहले ही कारण बताओ नोटिस भेजी जा चुकी है, और अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।

तुकाराम मुंढे ने NDTV को दिए इंटरव्यू में जाहिरातों में सेलिब्रिटियों की जिम्मेदारी को लेकर अपनी बात रखी। उनका कहना है कि कोई शख्स कितना भी बड़ा सेलिब्रिटी क्यों न हो, विज्ञापन के जरिए किसी प्रोडक्ट के प्रमोशन की जिम्मेदारी उस पर भी बनती है। इसलिए विज्ञापनदाता के तौर पर कानूनी नियमों का पालन करना जरूरी है।

महाराष्ट्र FDA ने 11 अगस्त 2026 को शाहरुख खान, अजय देवगण और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस भेजी थी। FDA ने पूछा था कि क्या विमल इलायची के विज्ञापन के जरिए महाराष्ट्र में बैन पानमसाला प्रोडक्ट का इनडायरेक्ट या सरोगेट प्रमोशन किया जा रहा है।

FDA की नोटिस में कहा गया था कि विज्ञापन में 'Vimal Elaichi' प्रोडक्ट की जो पेशकश की गई है और 'Vimal' ब्रांड से जो संदर्भ जुड़ता है, उससे पहली नजर में पानमसाला ब्रांड से जुड़ाव दिखता है। संबंधित लोगों को इस मामले में 15 दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया था।

महाराष्ट्र में गुटखा और पानमसाला की बिक्री पर बैन है। इसी वजह से FDA की नजर इस पर है कि बैन प्रोडक्ट का डायरेक्ट या इनडायरेक्ट प्रमोशन तो नहीं हो रहा। FDA का आरोप है कि विमल इलायची के विज्ञापन से बैन पानमसाला प्रोडक्ट का सरोगेट प्रमोशन हो रहा है, हालांकि यह मामला अभी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया में ही है।

ताजा जानकारी के मुताबिक, तीन में से दो एक्टर्स ने FDA की कारण बताओ नोटिस का जवाब दे दिया है। लेकिन एक एक्टर ने अभी तक जवाब नहीं दिया है, यह बात तुकाराम मुंढे ने खुद बताई। इसी वजह से उस एक्टर के खिलाफ एडज्युडिकेशन और प्रॉसिक्यूशन की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।

इस पूरे मामले में तुकाराम मुंढे ने विज्ञापनदाताओं की जिम्मेदारी पर खास जोर दिया। उनका कहना है कि सेलिब्रिटी होने की वजह से कोई कानून के दायरे से बाहर नहीं जा सकता। किसी विज्ञापन में शामिल होने से पहले प्रोडक्ट और उसके दावों की सही तरीके से पड़ताल करने की जिम्मेदारी विज्ञापनदाताओं की होती है, ऐसा उनका कहना है।

इस बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने भी इससे जुड़ी याचिका में दखल देने से इनकार कर दिया है, जिससे महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई आगे बढ़ने का रास्ता खुल गया है। अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि विमल इलायची विज्ञापन मामले में आगे कानूनी कार्रवाई किस दिशा में जाती है।

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