सावनेर में बारिश-तूफान के बीच बिजली गिरने और पेड़ गिरने से दो रिश्तेदार भाइयों की मौत
सावनेर शहर में सितंबर की शाम अचानक आई बारिश और तेज तूफान के दौरान दो अलग-अलग हादसों में रिश्तेदार भाइयों की जान चली गई।
सावनेर शहर में सितंबर महीने की एक शाम अचानक तेज बारिश और आंधी-तूफान आया, और इस दौरान हुए दो अलग-अलग हादसों में रिश्ते में भाई लगने वाले दो लोगों की मौत हो गई। पहला हादसा शहर के सर्वोदय नगर इलाके में पुरानी पानी की टंकी के पास हुआ, जहां बिजली गिरने से 24 साल के साहिल सत्तार शाह की मौत हो गई। दूसरा हादसा बिजली विभाग कार्यालय सावनेर के पास शिव मंदिर के नजदीक हुआ, जहां आम का पेड़ गिरने से चिचपुरा, सावनेर के रहने वाले 43 साल के मुस्ताक गुलाम शेख की जान चली गई। इसी हादसे में गड़ेगांव के रहने वाले सचिन दियेवार भी बुरी तरह घायल हो गए।
पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक, बारिश के दौरान सर्वोदय नगर की पुरानी पानी की टंकी के पास बिजली गिरी और उसकी चपेट में साहिल सत्तार शाह आ गए। उन्हें इलाज के लिए तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र सावनेर ले जाया गया, लेकिन जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उनके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।
वहीं शिव मंदिर सावनेर के पास तूफान और तेज बारिश के बीच एक बड़ा आम का पेड़ अचानक गिर पड़ा, जिसके नीचे मुस्ताक गुलाम शेख और सचिन दियेवार दब गए। यह घटना सामाजिक कार्यकर्ता हितेश बनसोड को पता चलते ही उन्होंने तुरंत सावनेर थाने को इसकी सूचना दी। इसके बाद हितज्योती आधार फाउंडेशन के हितेश बनसोड, सेवेकरी परिवार के भूषण कुबडे, फाउंडेशन टीम के सदस्य आशु गुप्ता, आदित्य घटे, शुभम अकोने, आकाश यादव, नगर परिषद सावनेर और महावितरण के कर्मचारियों तथा मौके पर मौजूद लोगों की मदद से तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। क्रेन और जेसीबी की मदद से पेड़ को काटकर दोनों को बाहर निकाला गया। मुस्ताक गुलाम शेख को सावनेर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सचिन दियेवार का इलाज अभी भी चल रहा है।
मरने वाले साहिल सत्तार शाह (24) और मुस्ताक गुलाम शेख (43) आपस में रिश्तेदार भाई थे। एक ही परिवार के दो लोगों की बारिश-तूफान के दौरान अलग-अलग हादसों में मौत होने से परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है, और पूरे सावनेर इलाके में मातम का माहौल है। पुलिस दोनों हादसों की आगे की जांच कर रही है।
तूफान और बारिश की वजह से शहर में कई पेड़, बोर्ड और होर्डिंग भी गिर गए। गांधी चौक स्थित एक रेडीमेड कपड़े की दुकान पर भी असर पड़ा, कई जगह पेड़ जड़ से उखड़ गए तो कई पेड़ों की डालियां टूटकर घरों, दुकानों, सड़कों और बिजली की तारों पर गिरीं, जिससे बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। महावितरण सावनेर के इंजीनियर सुभाष ललके और उनकी टीम ने करीब तीन-चार घंटे लगातार मेहनत करके शहर की बिजली व्यवस्था को अस्थायी तौर पर बहाल किया और शहरवासियों को राहत दी। शहर के कुछ इलाकों में रात भर बिजली आती-जाती रही तो कुछ जगहों पर लो वोल्टेज की परेशानी झेलनी पड़ी। 19 तारीख की सुबह से ही बिजली विभाग शहर की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटा हुआ है।
इलाके के विधायक डॉ. आशिष देशमुख ने पीड़ित परिवार पर आई इस अचानक मुसीबत में मदद की पहल करते हुए जिला नैसर्गिक आपात्कालीन विभाग के निवासी उपजिलाधिकारी से तुरंत संपर्क किया और दोनों मृतकों के परिवारों को तत्काल चार-चार लाख रुपये की मदद दिलाने के लिए प्रयास किए। बताया जा रहा है कि यह रकम जल्द ही मृतकों के परिजनों को दे दी जाएगी।