मुंबई में 14 फुट से ऊंची अवैध झोपड़ियों पर बीएमसी का बुलडोजर, हजारों घर निशाने पर
बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक झोपड़पट्टी इलाकों में अवैध निर्माण के खिलाफ खास मुहिम छेड़ने का ऐलान किया है।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) मुंबई की झोपड़पट्टियों में बने अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी में है। प्रशासन ने 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक चलने वाली एक खास मुहिम का ऐलान किया है, जिसमें अनधिकृत बांधकामों को निशाना बनाया जाएगा। यह कार्रवाई कमिश्नर अश्विनी भिडे के निर्देश पर और सह आयुक्त (दक्षता) देवेंदर सिंग की अगुवाई में की जाएगी। मकसद साफ है, मुंबई में बिना परमिशन के बने और खतरनाक अवैध निर्माणों पर लगाम कसना।
अब सवाल यह है कि आखिर किन झोपड़ों पर हथौड़ा चलेगा। बीएमसी की इस मुहिम के तहत 14 फुट और उससे ज्यादा ऊंचाई वाली झोपड़ों पर कार्रवाई होगी। प्रशासन ने साफ कहा है कि झोपड़पट्टी इलाके में जिन लोगों ने अवैध निर्माण कर रखा है, वे खुद ही तुरंत उसे हटा लें, वरना उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब बात करें आंकड़ों की, तो बृहन्मुंबई क्षेत्र यानी मुंबई शहर और उपनगरों को मिलाकर कुल 2 लाख 23 हजार 150 झोपड़े हैं। इनमें से 39 हजार 111 झोपड़े ऐसे पाए गए हैं जिनकी ऊंचाई 14 फुट या उससे ज्यादा है। इनमें से 3 हजार 348 झोपड़े शहर विभाग में, 4 हजार 536 पश्चिम उपनगरों में और सबसे ज्यादा 31 हजार 227 झोपड़े पूर्व उपनगरों में स्थित बताए गए हैं। इससे पहले भी बीएमसी 4 हजार 584 झोपड़ों पर निष्कासन की कार्रवाई कर चुकी है।
फिलहाल 611 झोपड़ों को नोटिस जारी की जा चुकी है। बाकी बची झोपड़ों में रहने वालों से प्रशासन ने साफ कहा है कि वे अपने अवैध निर्माण को खुद ही तुरंत हटा लें, वरना उन पर भी सख्त कार्रवाई होगी। यह चेतावनी महानगरपालिका प्रशासन की तरफ से बार-बार दोहराई जा रही है।
बीएमसी के अलग-अलग वॉर्ड लेवल पर भी अवैध निर्माणों के खिलाफ यह कार्रवाई लगातार जारी है। 24 अगस्त से 15 सितंबर 2026 के बीच कुल 128 अवैध निर्माणों पर निष्कासन की कार्रवाई पूरी हो चुकी है, जबकि 140 अवैध निर्माणों के खिलाफ आगे कार्रवाई की योजना बनाई गई है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध निर्माण करने से बचें और अगर पहले से ऐसा कोई निर्माण कर रखा है तो उसे खुद ही तुरंत हटा दें। ऐसा न करने पर बीएमसी की तरफ से सख्त कार्रवाई तय है।