हायड्रोजन ट्रेन से लेकर परमाणु ऊर्जा तक, PM मोदी ने बताया भारत का ग्रीन प्लान
पर्यावरण और जलवायु पर हुई इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में PM मोदी ने भारत की क्लीन एनर्जी उपलब्धियां गिनाईं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 'द फ्यूचर ऑफ एनवायरनमेंट एंड क्लाइमेट डायनेमिक्स' विषय पर हुई इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में भारत के पर्यावरण से जुड़े कामकाज का पूरा हिसाब रखा। इस दौरान उन्होंने बदलते मौसम को लेकर देश का आगे का प्लान भी साफ-साफ बताया। PM मोदी ने कहा कि स्वच्छ ट्रांसपोर्ट और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे सेक्टर में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।
PM मोदी ने बताया कि कुछ दिन पहले ही भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन चली है, और यह दुनिया की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन है। उन्होंने इसे स्वच्छ ट्रांसपोर्ट के एक नए दौर की शुरुआत बताया।
पिछले 12 साल में देश की पवन ऊर्जा क्षमता तीन गुना बढ़ चुकी है, ऐसा PM मोदी ने बताया। जल विद्युत क्षमता में भी अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई है और नया भारत अब परमाणु ऊर्जा पर भी फोकस कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार इन सेक्टर में प्राइवेट कंपनियों को भी मौका दे रही है। इन सब कोशिशों से देश की गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता में 400 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
ई-मोबिलिटी की बात करते हुए PM मोदी ने बताया कि 2014 से पहले भारत में हर साल सिर्फ 3,000 इलेक्ट्रिक गाड़ियां बिकती थीं। पिछले साल करीब 25 लाख EV बिकी हैं, जिसे उन्होंने एक बड़ी छलांग बताया। इससे पर्यावरण की देखभाल में मदद मिल रही है। फास्टैग की वजह से टोल नाकों पर वेटिंग टाइम और फ्यूल की बर्बादी भी काफी कम हुई है। PM मोदी ने यह भी बताया कि 2014 तक देश में सिर्फ पांच शहरों में 250 किलोमीटर से कम लंबाई का मेट्रो नेटवर्क था, जबकि आज 20 से ज्यादा शहरों में मेट्रो का जाल फैल चुका है और 1,000 किलोमीटर से ज्यादा लंबे मेट्रो नेटवर्क के साथ भारत ने दुनिया में अपनी जगह बनाई है।
रेलवे के 100 प्रतिशत बिजलीकरण से लाखों लीटर डीजल की बचत हुई है, जिसका फायदा पर्यावरण को भी मिला है, ऐसा PM मोदी ने कहा। उन्होंने कहा कि देश का विकास तेज भी है और टिकाऊ भी, और आज जल संरक्षण के क्षेत्र में भी पहले जैसा काम नहीं हुआ इतना काम हो रहा है।
अब तक 70,000 से ज्यादा अमृत सरोवर बनाए जा चुके हैं। 'कैच द रेन' यानी बारिश का पानी बचाओ अभियान के तहत देशभर में करीब 1.5 करोड़ जल संरक्षण ढांचे तैयार किए गए हैं। नेचुरल फार्मिंग पर चल रहे नेशनल मिशन ने भी बड़ा बदलाव लाया है, 12.5 लाख हेक्टेयर में नेचुरल फार्मिंग के क्लस्टर बनाए गए हैं। मौसम के हिसाब से ढलने वाली फसलों की करीब 3,000 किस्में तैयार की गई हैं। PM मोदी ने कहा कि एग्रो-फॉरेस्ट्री को बढ़ावा देकर देश अपना कार्बन फुटप्रिंट कम कर रहा है।
पिछले 12 साल में देश के घने जंगल के क्षेत्रफल में 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। प्लास्टिक कचरे की चुनौती पर बोलते हुए PM मोदी ने कहा कि इसी वजह से भारत ने सिंगल-यूज प्लास्टिक पर बैन लगाया है। 'कम करो, दोबारा इस्तेमाल करो और रीसाइकल करो' के मंत्र से सर्कुलर इकॉनमी को बढ़ावा दिया गया है। आज भारत में रोज हजारों टन कचरे को रीसाइकल किया जा रहा है। गोवर्धन योजना के जरिए गांवों में गोबर और दूसरे ऑर्गेनिक कचरे को भी काम की चीज में बदला जा रहा है।