दिशा सालियन केस: गुन्हेगार कोई भी हो, कानून के दायरे में लाना चाहिए- निलेश राणे
CBI ने FIR दर्ज करने के बाद निलेश राणे का बयान, सतीश सालियन की आदित्य ठाकरे को 500 करोड़ की मानहानी नोटिस पर सियासत गरमाई
दिशा सालियन मौत मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने इस केस में FIR दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। इस पर भाजपा नेता निलेश राणे ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। राणे ने साफ कहा कि जांच अभी चल रही है, ऐसे में अभी से यह बताना ठीक नहीं होगा कि इसमें आरोपी कौन है और कौन नहीं।
मीडिया से बात करते हुए निलेश राणे ने बताया कि CBI ने मालवणी पुलिस से CDR, टावर लोकेशन रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट जैसे दस्तावेज मंगवाए हैं। उनके मुताबिक CBI अब इन सभी चीजों के आधार पर जांच करेगी और इस मामले में असल दोषी कौन है, यह जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा।
राणे ने कहा कि जिन लोगों ने भी गुनाह किया है, उन सबको कानून के दायरे में लाना चाहिए। लेकिन वो कौन लोग हो सकते हैं, यह अभी नहीं बताया जा सकता। यह तो जांच के बाद ही सामने आएगा, ऐसा उन्होंने कहा।
राणे ने यह भी बताया कि इस मामले में सतीश सालियन के वकील निलेश ओझा ने कोर्ट के सामने कुछ सबूत पेश किए हैं। उनका दावा है कि केस की कुछ बातें आपस में मेल नहीं खातीं, और आगे की कानूनी प्रक्रिया में सबूतों और तथ्यों पर चर्चा होगी।
इस बीच, दिशा सालियन केस में CBI की FIR दर्ज होने के बाद सियासी माहौल और गरमा गया है। हाईकोर्ट ने 2 सितंबर को CBI को जांच के निर्देश दिए थे, जिसके बाद FIR दर्ज हुई। इसी के बाद सतीश सालियन ने आदित्य ठाकरे को 500 करोड़ रुपये की मानहानी की नोटिस भेजी। शनिवार को वो अपने वकीलों के साथ मातोश्री पहुंचे। नोटिस में सात दिन के भीतर सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की गई है, और चेतावनी दी गई है कि माफी नहीं मांगी गई तो 500 करोड़ का दावा दाखल किया जाएगा।
नोटिस की खबर के बाद मातोश्री के बाहर शिवसैनिकों की भीड़ जमा हो गई और कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बन गया। आदित्य ठाकरे के वकीलों ने नोटिस स्वीकार कर ली।
दूसरी ओर, आदित्य ठाकरे ने कहा है कि वो दिशा सालियन को जानते ही नहीं थे, और उन पर लगे आरोपों को खारिज कर दिया है। इस तरह एक तरफ सतीश सालियन का कानूनी रुख है, तो दूसरी तरफ आदित्य ठाकरे की तरफ से आरोपों से इनकार, और अब शुरू हुई CBI जांच - इन सबकी वजह से यह मामला फिर चर्चा में आ गया है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि CBI की जांच में क्या सामने आता है और कोर्ट में आगे क्या होता है।