शनिवार, 19 सितमबर 2026

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21:10 IST

दादर गणपति विसर्जन में हंगामा: VIP को सीधी एंट्री, लोकल भक्तों को रोका जाने का आरोप, वीडियो वायरल

दादर के कीर्ति कॉलेज के पास समुद्र किनारे गणपती विसर्जन के दौरान हुए हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि VIP लोगों को सीधे अंदर जाने दिया जा रहा था जबकि आम भक्तों को रोका जा रहा था।

दादर गणपति विसर्जन में हंगामा: VIP को सीधी एंट्री, लोकल भक्तों को रोका जाने का आरोप, वीडियो वायरल
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

मुंबई से एक वीडियो सामने आया है जो गणपति विसर्जन के मौके पर भावुक माहौल की जगह हंगामे की तस्वीर दिखा रहा है। यह वीडियो दादर के कीर्ति कॉलेज के पास समुद्र किनारे का है, जहां विसर्जन के दौरान स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच बहस हो गई। वीडियो dadarmumbaikar नाम के इंस्टाग्राम पेज पर पोस्ट किया गया और अब तक करीब 1 लाख 30 हजार लोग इसे देख चुके हैं।

वीडियो में कुछ स्थानीय लोग पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से बहस करते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि बाप्पा का विसर्जन शास्त्रोक्त तरीके से नहीं हो रहा। प्रशासन ने विसर्जन के लिए बड़े कृत्रिम तालाब लगाए हैं, जहां विसर्जन के लिए पैसे भी लिए जाते हैं। लेकिन जिन लोगों को यह काम दिया गया है, वे ठीक से विसर्जन नहीं करते, जिससे मूर्ति की विटंबना होने की शिकायत है।

सबसे बड़ा आरोप यह है कि वहां VIP लोगों को सीधी एंट्री दी जाती है, जबकि जो लोग बचपन से दादर में रहते हैं और जिनका यह समुद्र है, उन्हीं को अंदर जाने से रोका जाता है। वीडियो में एक शख्स कहता सुनाई देता है, "हम यहीं पैदा हुए और बड़े हुए। यह समुद्र हमारा है। तुम हमें ही रोक रहे हो। बाप्पा का विसर्जन ठीक से करो, वरना हमें अपने हाथों से करने दो।" लोगों की नाराजगी की वजह यह है कि वे खुद अपने हाथों से बाप्पा को विदाई देना चाहते हैं, लेकिन प्रशासन उन्हें ऐसा नहीं करने दे रहा।

दरअसल मुंबई में कई जगह कृत्रिम तालाब बनाए गए हैं और इसके पीछे वजह भी है। हर साल समुद्र में विसर्जन के दौरान हादसे होते हैं और पानी भी प्रदूषित होता है। इसी को रोकने के लिए ये कृत्रिम तालाब बनाए गए। लेकिन शिकायत है कि इन तालाबों में लोगों को खुद विसर्जन नहीं करने दिया जाता, दूसरे लोग यह काम करते हैं और वह भी ठंग से नहीं करते।

वीडियो पर लोगों के कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। एक यूजर ने लिखा, "शराब पीकर आए लड़के विसर्जन कर रहे हैं। मूर्ति की विटंबना हो रही है। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?" दूसरे यूजर ने लिखा, "VIP कल्चर बंद करो। हर किसी का सम्मान करो।" एक और कमेंट में लिखा गया, "कुंड में विसर्जन करने के बजाय नेचुरल जगह पर ही करो।" हालांकि कुछ लोगों ने प्रशासन का समर्थन भी किया है। एक यूजर ने सवाल उठाया, "वहां VIP लोगों को छोड़ते हैं यह पता होते हुए भी तुम वहीं क्यों जाते हो?" लेकिन ज्यादातर लोगों की नाराजगी इसी बात पर है कि बाप्पा के विसर्जन में भी VIP कल्चर नहीं लाना चाहिए और सबको बराबर बर्ताव मिलना चाहिए, क्योंकि बाप्पा सबके हैं, फिर सिर्फ पैसे वालों के लिए अलग नियम और आम आदमी के लिए अलग नियम क्यों होना चाहिए।

उधर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की तरफ से पहले यह दावा किया गया था कि श्रीगणेशोत्सव में डेढ़ दिन की गणेश मूर्तियों के विसर्जन के लिए महानगरपालिका ने जो कृत्रिम तालाब उपलब्ध कराए, उन्हें अच्छा रिस्पॉन्स मिला और नागरिकों ने इन सुविधाओं के लिए महानगरपालिका का शुक्रिया अदा किया था।

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