बल्लारपूर के एसएनडीटी उपकेंद्र को आधुनिक शिक्षा केंद्र बनाने की तैयारी, मुनगंटीवार ने रखीं मांगें
विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने बल्लारपूर स्थित एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय के उपकेंद्र में निर्माण कार्यों को लेकर बैठक कर कई महत्वपूर्ण सूचनाएं दीं।
चंद्रपूर जिले के बल्लारपूर में स्थित एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय के उपकेंद्र को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कर एक मजबूत शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। विधायक सुधीर मुनगंटीवार की अध्यक्षता में इस उपकेंद्र परिसर में निर्माण और विकास कार्यों को लेकर एक बैठक हुई, जिसमें उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव वेणुगोपाल रेड्डी भी मौजूद रहे। बैठक में जिलाधिकारी वसुमना पंत, लोक निर्माण विभाग की अधीक्षक अभियंता सोनाली चव्हाण, एसएनडीटी उपकेंद्र के संचालक राजेश इंगोले, उपकुलसचिव बालू राठोड, कार्यकारी अभियंता मुकेश टांगले, उपअभियंता संजोग मेंढे और विद्युत विभाग की कार्यकारी अभियंता पूनम वर्मा शामिल हुए।
छात्राओं को समय की जरूरत के मुताबिक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक तकनीक और वैश्विक स्तर के मौके मिलें, इसी सोच के साथ मुनगंटीवार ने बैठक में कई अहम सुझाव रखे। उन्होंने मातृत्व की संकल्पना पर आधारित आधुनिक और नए तरीके के काम उपकेंद्र में कराने की बात कही और इसके लिए नवोन्मेषी योजना से 7 करोड़ रुपये का फंड मंजूर करने की मांग रखी। उनका कहना था कि छात्राओं को सुरक्षित और सुसज्जित माहौल मिले, इसके लिए बुनियादी सुविधाओं का स्तर बढ़ाना जरूरी है।
इसके अलावा शासकीय तंत्रनिकेतन मूल की इमारत के लिए जरूरी निजी जमीन को बातचीत के जरिए सीधे खरीदने के वास्ते 5.50 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की मांग भी उन्होंने की। मुनगंटीवार ने साफ किया कि जमीन मिलते ही तंत्रनिकेतन की इमारत का निर्माण तेज होगा और छात्रों के लिए जरूरी शैक्षणिक सुविधाएं खड़ी करने का रास्ता खुल जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि बल्लारपूर सहित पूरे चंद्रपूर जिले की छात्राओं को आधुनिक और वैश्विक स्तर की उच्च शिक्षा का मौका देने के लिए यह उपकेंद्र आगे चलकर शिक्षा, कौशल और शोध का बड़ा केंद्र बनकर उभरे।
मुनगंटीवार ने प्रधान सचिव वेणुगोपाल रेड्डी को निर्देश दिया कि एसएनडीटी विश्वविद्यालय के 62 पाठ्यक्रमों की पूरी जानकारी लेकर उनके मूल्यांकन के लिए मुंबई में अलग से बैठक बुलाई जाए। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रमों की गुणवत्ता, बदलते औद्योगिक क्षेत्र की जरूरतें, रोजगार के मौके और आने वाले समय में चाहिए होने वाले कौशल को ध्यान में रखकर उनमें जरूरी सुधार किए जाएं, ताकि छात्राओं को सिर्फ डिग्री तक सीमित न रखकर आधुनिक कौशल, शोध की समझ और दुनिया भर में मुकाबला करने की क्षमता मिल सके।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय ऑक्सफर्ड, कैंब्रिज जैसे दुनिया के दस नामी विश्वविद्यालयों के साथ सामंजस्य करार (एमओयू) के लिए प्रस्ताव भेजे, जिससे छात्राओं को शैक्षणिक आदान-प्रदान, शोध, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय ज्ञान व्यवस्था से जुड़ने के मौके मिल सकें।
मुनगंटीवार ने हाल ही में नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय, मुंबई को केंद्रीय महिला विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने के लिए पैरवी की थी। उनका मानना है कि इस दर्जे से विश्वविद्यालय के विस्तार के साथ-साथ शोध, बुनियादी ढांचे और वैश्विक स्तर के शैक्षणिक सहयोग के लिए व्यापक अवसर मिलेंगे। इस बाबत जरूरी कार्रवाई तेज करने के निर्देश उन्होंने दिए हैं, और बताया गया कि केंद्रीय महिला विश्वविद्यालय का दर्जा देने का विस्तृत प्रस्ताव केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी को भेजा जा चुका है।
बैठक में उपकेंद्र परिसर में प्रस्तावित और चल रहे प्रोजेक्ट्स की भी जानकारी दी गई, जिनमें ईएसआईसी अस्पताल, एसआरपीएफ कैंप और आयुष अस्पताल शामिल हैं। कहा गया कि इन प्रोजेक्ट्स से इलाके में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक बुनियादी ढांचे को बड़ी मजबूती मिलेगी। बैठक के बाद मुनगंटीवार ने प्रधान सचिव वेणुगोपाल रेड्डी के साथ उपकेंद्र परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया और इमारत के लिए जरूरी संसाधन, निर्माण की गुणवत्ता, आगे की जरूरतें और मौजूदा सुविधाओं का जायजा लेकर जरूरी निर्देश दिए।