RTMNU में हर साल 7% फीस बढ़ोतरी लागू, कंप्यूटर न पढ़ने वालों से भी 1,200 रुपए वसूली शुरू
राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय ने 2026-27 सत्र के लिए शुल्क बढ़ाया, सीनेट सदस्य ने कंप्यूटर फीस पर सवाल उठाए।
राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय (RTMNU) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए शिक्षण शुल्क और बाकी फीस में 7 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। विश्वविद्यालय की तरफ से संशोधित शुल्क की अधिसूचना भी जारी हो चुकी है। इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर इस साल पहले सेमेस्टर में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स पर पड़ने वाला है।
अधिसूचना में साफ लिखा है कि नए स्टूडेंट्स के लिए अब हर साल 7 फीसदी फीस बढ़ेगी। इसके अलावा एक और बात सामने आई है जिस पर स्टूडेंट्स और टीचर्स दोनों सवाल उठा रहे हैं। जिन कोर्सेस में कंप्यूटर 'कोर सब्जेक्ट' नहीं है, वहां के स्टूडेंट्स से कंप्यूटर ट्रेनिंग के नाम पर 1,200 रुपए अलग से वसूले जाएंगे।
दरअसल विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल और मैनेजमेंट काउंसिल ने 2024 में ही यह तय कर दिया था कि विश्वविद्यालय से जुड़े और संचालित सारे कॉलेज, एकेडमिक डिपार्टमेंट और मान्यता प्राप्त कैंपस में चलने वाले कोर्सेस की फीस हर साल 7 फीसदी बढ़ेगी। यह नियम सत्र 2024-25 से ही लागू हो चुका है, और 2026-27 की यह बढ़ोतरी उसी पुराने फैसले का अगला हिस्सा है।
राहत की बात यह है कि दूसरे, तीसरे और चौथे सेमेस्टर में पढ़ रहे स्टूडेंट्स से उतनी ही फीस ली जाएगी जो उनके एडमिशन के वक्त लागू थी। मतलब पहले से एडमिशन ले चुके स्टूडेंट्स को इस फीस बढ़ोतरी से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। विश्वविद्यालय ने यह भी साफ किया है कि अधिसूचना और उसके परिशिष्ट में जो फीस बताई गई है, उससे ज्यादा कोई भी अतिरिक्त चार्ज अगले फैसले तक नहीं लिया जाएगा।
29 जुलाई को हुई अधिष्ठाता मंडल यानी डीन बोर्ड की मीटिंग में कंप्यूटर ट्रेनिंग फीस को लेकर यह फैसला लिया गया था। आर्ट्स, कॉमर्स और बाकी उन कोर्सेस में जहां कंप्यूटर मुख्य विषय नहीं है, वहां से 1,200 रुपए कंप्यूटर ट्रेनिंग फीस ली जाएगी। वहीं जिन कोर्सेस में कंप्यूटर मेन सब्जेक्ट है, उन स्टूडेंट्स को इस फीस से छूट दी गई है।
बस यहीं पर स्टूडेंट्स और टीचर्स का सवाल है कि जब कंप्यूटर किसी और का सब्जेक्ट है, तो फीस का बोझ किसी दूसरे पर क्यों डाला जा रहा है। सीनेट सदस्य एड. मनमोहन बाजपेयी का कहना है कि आर्ट्स और कॉमर्स के स्टूडेंट्स को स्किल बढ़ाने के लिए कॉलेजों की तरफ से कंप्यूटर ट्रेनिंग दी जाती है तो यह फीस बहुत ज्यादा नहीं कही जा सकती, लेकिन जिन कॉलेजों में यह ट्रेनिंग दी ही नहीं जाएगी, वहां यह फीस लगाना सही नहीं है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय को इस मामले को गंभीरता से देखना चाहिए।