नायजेरिया में खदान मजदूरों की मौत पर भड़का गुस्सा, सेना ने प्रदर्शनकारियों पर चलाई गोली
नायजेरिया में हिरासत में मौजूद खदान मजदूरों की मौत के विरोध में सड़क पर उतरे लोगों पर सेना ने गोलीबारी की, इलाके में तनाव फैला।
नायजेरिया में खदान मजदूरों की मौत के खिलाफ चल रहा प्रदर्शन अब हिंसक मोड़ ले चुका है। हिरासत में रखे गए खदान मजदूरों की मौत हो जाने के बाद इसका विरोध करने के लिए सड़क पर उतरे लोगों पर नायजेरियन सेना ने गोली चला दी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है, और सुरक्षा एजेंसियों की इस कार्रवाई पर भी सवाल उठने लगे हैं।
दरअसल नायजेरिया के खदान क्षेत्र से जुड़े मजदूरों की मौत की खबर आने के बाद वहां के स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों में गुस्सा भर गया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि हिरासत में मारे गए मजदूरों की मौत की जांच हो और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। इसी मांग को लेकर बड़ी तादाद में लोग सड़कों पर उतर आए थे।
प्रदर्शन के दौरान हालात काबू से बाहर न जाएं, इसके लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। लेकिन बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तनाव लगातार बढ़ता गया।
प्रदर्शन जारी रहने के दौरान ही नायजेरियन सेना ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए गोलीबारी कर दी। इस कार्रवाई के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। गोलीबारी में कितने लोग जख्मी हुए या कितनों की जान गई, इसकी पक्की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई से प्रदर्शन और भड़कने की आशंका जताई जा रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जता रहे थे, तो उन पर इस तरह की कार्रवाई क्यों की गई।
नायजेरिया में खदान से जुड़ी सुरक्षा, गैरकानूनी खनन और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल पहले भी उठते रहे हैं। कई इलाकों में मजदूरों को जान जोखिम में डालकर खनन का काम करना पड़ता है, ऐसी तस्वीर सामने आती रही है।
हिरासत में मौजूद मजदूरों की मौत और उसके बाद सेना की गोलीबारी ने वहां की सरकार के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब मौतों की पारदर्शी जांच, मजदूरों की सुरक्षा की गारंटी और प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई को लेकर सफाई की मांग जोर पकड़ सकती है। घटना के बाद वहां का स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं।