Vasai Virar Heavy Rain: बाप्पा के स्वागत में बारिश का विघ्न! वसई-विरार में घुटनों तक पानी
गणपति बाप्पा के आगमन में बस कुछ ही घंटे बाकी थे, तभी वसई-विरार और नालासोपारा इलाके में रविवार तड़के से मूसलाधार बारिश शुरू हो गई और यहां के लोगों की जिंदगी पूरी तरह अस्तव्यस्त हो गई।
गणपति बाप्पा के आगमन में अब बस कुछ ही घंटे बाकी रह गए थे, तभी वसई-विरार और नालासोपारा इलाके में रविवार तड़के से मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जिसने यहां के लोगों की जिंदगी पूरी तरह अस्तव्यस्त कर दी। तड़के तीन बजे से ही बिजली की कड़कड़ाहट के साथ बारिश ने जोर पकड़ लिया, जिसकी वजह से शहर के नाले और गटर लबालब भरकर बहने लगे। मुख्य सड़कें, नीचले इलाकों के घर-दुकानें और कुछ गणेशोत्सव मंडपों में भी पानी घुस गया, जिससे उत्सव की तैयारी में बड़ी रुकावट आई। लगातार बरसती इस बारिश ने अब लोगों के मन में यह सवाल खड़ा कर दिया है कि त्योहार की शुरुआत में ही अगर यह जोर ऐसा बना रहा तो आगे क्या होगा।
सबसे ज्यादा असर नालासोपारा पूर्व के रेलवे स्टेशन इलाके पर पड़ा। सेंट्रल पार्क, तुलिंज रोड, गालानगर, विरार पश्चिम की सड़कें और नायगांव इलाके में भी कई जगह पानी भर गया। नालासोपारा स्टेशन परिसर में तो घुटनों तक पानी भर जाने से लोकल पकड़ने निकले यात्रियों को उस पानी में से रास्ता निकालते हुए, मशक्कत करते हुए स्टेशन तक पहुंचना पड़ा। दूसरी तरफ विरार से मुंबई-अहमदाबाद नेशनल हाईवे की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर भी बड़ी मात्रा में पानी भर जाने से गाड़ियों की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई। इस वजह से रोजाना सफर करने वालों के साथ-साथ कोंकण में त्योहार के लिए निकले श्रद्धालुओं को भी ट्रैफिक जाम में फंसकर बड़ी परेशानी झेलनी पड़ी।
जहां-जहां पानी भरा है, वहां से निकासी के लिए महानगरपालिका के आपदा प्रबंधन विभाग ने सक्शन पंप लगाने का काम शुरू कर दिया है। लेकिन बारिश का जोर लगातार बना रहने की वजह से पानी उतरने में समय लग रहा है। त्योहार के ठीक पहले लगातार हुई इस बारिश से शहर में एक तरफ डर का माहौल है और प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी भी दी है।
त्योहार से पहले वाले दिन खरीदारी के लिए घर से निकले लोग और व्यापारी भी इस अचानक आई बारिश से पूरी तरह घबरा गए। शनिवार को ही कई मंडलों ने धूमधाम से बाप्पा की मूर्तियां मंडप में लाकर रख दी थीं, लेकिन रविवार तड़के से ही कुछ मंडपों में पानी घुस जाने से सजावट का सामान, लाइटिंग और झांकियां बचाने के लिए कार्यकर्ताओं में अफरातफरी मच गई। कई मंडपों में कार्यकर्ता पंप लगाकर अंदर का पानी बाहर निकालते नजर आए।