उमरगा में मराठा आरक्षण आंदोलन उग्र, तहसीलदार की कुर्सी बाहर लाकर जलाई, चार हिरासत में
धाराशिव जिले के उमरगा में तहसील कार्यालय में घुसे आंदोलनकारियों ने तहसीलदार की कुर्सी जलाई, पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया।
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मराठा आरक्षण की मांग को लेकर धाराशिव जिले के उमरगा में बुधवार को आंदोलन ने आक्रामक रूप ले लिया। आरोप है कि तहसील कार्यालय में घुसे चार आंदोलनकारियों ने तहसीलदार के दफ्तर से कुर्सी बाहर निकाली और तहसील परिसर में उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इस मामले में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया।
घटना बुधवार सुबह साढ़े नौ से दस बजे के बीच की है। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे कुछ कार्यकर्ता उमरगा तहसील कार्यालय पहुंचे। उस वक्त दफ्तर के शिपाई सफाई के काम में लगे हुए थे। आंदोलनकारियों को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन बताया जा रहा है कि वे तहसीलदार के केबिन में घुस गए। इसके बाद तहसीलदार की कुर्सी केबिन से बाहर निकालकर तहसील परिसर में झंडे वाले चबूतरे के पास लाई गई। आरोप है कि इसी कुर्सी पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई।
इस मामले में अन्नासाहेब गोविंदराव पवार, महादेव गोविंद माने, विठ्ठल दशरथ पवार (सभी निवासी नाईचाकुर) और वैजिनाथ आबा काळे (निवासी माडज, तालुका उमरगा) इन चारों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। घटना की जानकारी मिलते ही तहसीलदार गोविंद येरमे ने पुलिस निरीक्षक प्रल्हाद सूर्यवंशी से संपर्क किया, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया।
पुलिस ने जब आंदोलनकारियों को गाड़ी में बैठने को कहा तो बताया जा रहा है कि उन्होंने इसका विरोध किया। इसके बाद पुलिस उन्हें पैदल ही थाने तक ले गई। इस दौरान आंदोलनकारियों ने मराठा आरक्षण के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। 'मराठों को आरक्षण देना ही होगा', 'देते नहीं तो लेकर रहेंगे' और 'एक मराठा, लाख मराठा' जैसे नारे लगाते हुए आंदोलनकारी थाने तक पहुंचे।
यह भी आरोप लगाया गया है कि तहसीलदार के केबिन में घुसते वक्त आंदोलनकारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे शिपाई को धक्का-मुक्की करके जबरदस्ती अंदर घुसे। घटना के बाद तहसील कार्यालय के कर्मचारी भी थाने पहुंचे। तहसीलदार गोविंद येरमे भी थाने जाकर पुलिस निरीक्षक से केस दर्ज करने की प्रक्रिया को लेकर बातचीत की।
घटना के बाद तहसीलदार गोविंद येरमे ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें। बिना पुष्टि वाले मैसेज या वीडियो आगे फॉरवर्ड न करें और सही जानकारी समझते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें, ऐसी अपील उन्होंने की है।