तेज बारिश में भी नहीं थमी भीड़, गडकरी के जनसंपर्क में उमड़े नागपुरवासी, दिए निर्देश
रविवार को नागपुर में तेज बारिश के बावजूद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के जनसंपर्क कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं और ज्ञापन लेकर पहुंचे।
नागपुर के महल इलाके में रविवार सुबह से मूसलाधार बारिश हो रही थी, लेकिन इसका असर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के जनसंपर्क कार्यक्रम पर बिल्कुल नहीं पड़ा। गडकरी वाड़ा में हर बार की तरह इस बार भी बड़ी तादाद में नागपुरवासी अपनी-अपनी समस्याएं लेकर पहुंच गए। किसी के हाथ में शिकायतों और मांगों का ज्ञापन था, तो कोई पुराना काम पूरा होने पर गडकरी का शुक्रिया अदा करने आया था। कुछ लोग ऐसे भी थे जो सिर्फ गणेशोत्सव की शुभकामनाएं देने के लिए वहां रुके।
शुरुआत में यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि तेज बारिश की वजह से इस बार जनसंपर्क कार्यक्रम में भीड़ कम रहेगी, मगर हुआ इसका उल्टा। बारिश के बावजूद लोगों का जोश कम नहीं हुआ और वे कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। नागरिकों को इस तरह भीगते हुए इंतजार करते देख नितिन गडकरी ने अपने पहले से तय दो कार्यक्रमों को टालकर पहले उनसे मिलने का फैसला किया। मौके पर मौजूद अधिकारियों के सामने ही उन्होंने एक-एक करके नागरिकों की परेशानियां सुनीं और संबंधित विभाग के अफसरों को तुरंत जरूरी निर्देश दिए, ताकि लोगों को ज्यादा देर बारिश में खड़े होकर इंतजार न करना पड़े।
इस दौरान नागरिकों ने सड़क, खेती-किसानी, पढ़ाई-लिखाई और अस्पताल से जुड़ी अलग-अलग परेशानियों के ज्ञापन गडकरी को सौंपे। हर मामले पर गडकरी ने मौजूद अफसरों से तुरंत जानकारी ली और जरूरी कार्रवाई करने को कहा। कार्यक्रम में मनपा, एनआईटी, जिलाधिकारी कार्यालय, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, सेतु कार्यालय, महावितरण, दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र और सीआरसी के अधिकारी मौजूद रहे। गडकरी ने साफ कहा कि नागरिकों की तकलीफों को हल्के में न लिया जाए और उनके समाधान के लिए फौरन कदम उठाए जाएं।
कार्यक्रम में कुछ ऐसे लोग भी पहुंचे जिनका पहले उठाया गया मसला गडकरी की मदद से सुलझ चुका था। इन लोगों ने खासतौर पर आकर उनका धन्यवाद किया। इसके अलावा शहर के अलग-अलग गणेश मंडलों के पदाधिकारी भी गडकरी से मिलने पहुंचे। उन्होंने गडकरी को गणेशोत्सव की बधाई दी और अपने-अपने मंडल के गणेशोत्सव कार्यक्रम में आने का न्योता दिया। तेज बारिश के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में लोगों का पहुंचना यह बताता है कि इस जनसंपर्क कार्यक्रम में स्थानीय समस्याओं के साथ-साथ लोगों के निजी और सामाजिक मुद्दे भी उतनी ही अहमियत रखते हैं।