गुरूवार, 17 सितमबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
01:04 IST

सूखा राहत के लिए केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र को दिए 50 करोड़, पुणे कृषि आयुक्तालय के जरिए होगा खर्च

केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय आपत्ती निवारण निधी से महाराष्ट्र को सूखे से राहत के लिए ५० करोड़ रुपये की पहली किस्त दी है, जो अहिल्यानगर, नाशिक, धुळे, सातारा और लातूर जिले में खर्च होगी।

सूखा राहत के लिए केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र को दिए 50 करोड़, पुणे कृषि आयुक्तालय के जरिए होगा खर्च
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

महाराष्ट्र में दुष्काळ की आहट के बीच केंद्र सरकार ने राज्य को बड़ी राहत दी है। दुष्काळ निवारण के लिए केंद्र सरकार ने राज्य को ५० कोटी रुपये का पहला हप्ता जारी किया है। यह रकम राष्ट्रीय आपत्ती निवारण निधी के तहत दी गई है, और राज्य सरकार ने इसे कृषी आयुक्तालय, पुणे के जरिए खर्च करने की मंजूरी दे दी है। इस बाबत का शासन निर्णय १० सितंबर को जारी किया गया।

राष्ट्रीय आपत्ती व्यवस्थापन प्राधिकरण ने इस दुष्काळ निवारण कार्यक्रम के लिए पांच जिलों को चुना है - अहिल्यानगर, नाशिक, धुळे, सातारा और लातूर। हर जिले से दो-दो तालुके, यानी कुल १० तालुकों के १० गांवों को इस प्रायोगिक प्रकल्प में शामिल किया गया है।

इस पूरे प्रकल्प के लिए राज्य सरकार ने दिसंबर २०२५ में १७४.१० कोटी रुपये के आराखड़े को प्रशासकीय मंजूरी दी थी। इसमें केंद्र सरकार का हिस्सा १०० कोटी रुपये, राज्य सरकार का हिस्सा ११ कोटी रुपये, जबकि ६३.१० कोटी रुपये अलग-अलग सरकारी योजनाओं के अभिसरण से जुटाए जाएंगे। केंद्र के १०० कोटी रुपये के हिस्से में से पहले चरण में ५० कोटी रुपये मदत व पुनर्वसन विभाग को मिल चुके हैं।

इस निधी के खर्च पर सख्त निगरानी रखने की व्यवस्था की गई है। कृषी आयुक्त को नियंत्रण अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि सत्ययक संचालक, लेखा-१ को आहरण व संवितरण अधिकारी बनाया गया है। केंद्र की मार्गदर्शक सूचनाओं के मुताबिक ही निधी का इस्तेमाल करना बंधनकारक होगा। साथ ही खर्च के लेखे, लेखापरीक्षण रिपोर्ट और उपयोगिता प्रमाणपत्र भी जमा कराने होंगे। प्रकल्प की भौतिक व आर्थिक प्रगति की रिपोर्ट हर महीने देने का निर्देश भी दिया गया है।

कुल मिलाकर आंकड़ों को देखें तो पूरा आराखड़ा १७४.१० कोटी रुपये का है, जिसमें केंद्र का हिस्सा १०० कोटी रुपये, विभिन्न सरकारी योजनाओं के जरिए ६३.१० कोटी रुपये और राज्य का हिस्सा ११ कोटी रुपये शामिल है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे