गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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03:29 IST

सफाई कर्मचारियों को ५ लाख का हेल्थ और १ करोड़ का दुर्घटना बीमा, आयोग अध्यक्ष डागोर के निर्देश

महाराष्ट्र राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष शेरसिंग डागोर ने चंद्रपुर में नियोजन भवन की बैठक में प्रशासन को सफाई कर्मचारियों की समस्याएं संवेदनशीलता से हल करने के निर्देश दिए।

सफाई कर्मचारियों को ५ लाख का हेल्थ और १ करोड़ का दुर्घटना बीमा, आयोग अध्यक्ष डागोर के निर्देश तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

चंद्रपुर के नियोजन भवन सभागार में हुई एक अहम बैठक में महाराष्ट्र राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष शेरसिंग डागोर ने प्रशासन को साफ शब्दों में कहा कि शहर की पूरी सफाई की जिम्मेदारी उठाने वाले कर्मचारियों की दिक्कतें प्राथमिकता पर सुलझाई जाएं। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी समाज का अभिन्न और अहम हिस्सा है, जो खुद कई तकलीफों और सेहत के खतरों का सामना करते हुए पूरे समाज की सेहत का ख्याल रखता है। इसी योगदान को देखते हुए अफसरों और स्टाफ को उनके मसलों पर संवेदनशीलता से काम करना चाहिए।

बैठक में कर्मचारियों के वेतन, स्वास्थ्य और बीमा सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा हुई। इस मौके पर जिलाधिकारी वसुमना पंत, महानगरपालिका आयुक्त अकुनूरी नरेश, नगरपालिका प्रशासन अधिकारी डॉ. विद्या गायकवाड, उमेश पिपरे और सुनील तांबे के साथ-साथ अलग-अलग विभागों के अफसर मौजूद रहे।

डागोर ने कहा कि शहर की पूरी साफ-सफाई की बड़ी जिम्मेदारी सफाई कर्मचारियों के कंधों पर है। बेहद कम वेतन में और तरह-तरह की बीमारियों व सेहत के खतरों से जूझते हुए भी ये लोग लगातार सेवा देते हैं। अगर सफाई कर्मचारी काम पर न आएं तो इसका सीधा असर शहर की सफाई और समाज की सेहत पर पड़ता है, इसलिए हर अफसर और कर्मचारी को इनके काम की अहमियत समझनी चाहिए।

कोरोना काल का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि उस मुश्किल दौर में सफाई कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर सेवा दी। कई परिवारों के रिश्तेदार दूर होने पर सफाई कर्मचारियों ने ही शवों का अंतिम संस्कार करने की जिम्मेदारी निभाई। इस योगदान को याद रखते हुए प्रशासन को इनकी दिक्कतें सुलझाने के लिए और संवेदनशीलता से काम करना चाहिए, साथ ही इनका जीवनस्तर ऊंचा उठाने के लिए ठोस कोशिशें करनी चाहिए।

डागोर ने निर्देश दिया कि सफाई कर्मचारियों के अटके हुए मसलों की नियमित पैरवी कर उन्हें तय समय में निपटाने के लिए अलग से नोडल अफसर नियुक्त किया जाए। सभी संबंधित विभाग आपस में तालमेल बनाकर सफाई कर्मचारियों के प्रश्न वक्त पर सुलझाने की सही योजना बनाएं।

लाड-पागे समिति की सिफारिशों को लेकर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सफाई कामगारों के कल्याण को लेकर सजग है और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में इनके हित में कई अहम फैसले लिए गए हैं। मगर लाड-पागे समिति की सिफारिशों को लागू करने में कुछ जगहों पर गंभीरता से काम होता नहीं दिख रहा। इससे जुड़े अटके मामलों को तुरंत सामने लाकर नियमानुसार निपटाया जाए।

उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की नियमित स्वास्थ्य जांच बेहद जरूरी है। संबंधित तंत्र यह पक्का करे कि उन्हें बीमा सुरक्षा, न्यूनतम वेतन और बाकी देय सुविधाएं समय पर मिलें। जिस बैंक के जरिए सफाई कर्मचारियों का वेतन दिया जाता है, उसी बैंक के माध्यम से इन्हें पांच लाख रुपये का हेल्थ बीमा और दुर्घटना में मौत होने पर एक करोड़ रुपये का बीमा कवर देने की जरूरी कार्रवाई की जाए।

आबादी के हिसाब से जरूरी सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति जरूरी बताते हुए डागोर ने कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर श्रमसाफल्य योजना के तहत पात्र सफाई कर्मचारियों को घरकुल देने के लिए संबंधित तंत्र तुरंत आराखड़ा तैयार करे। साथ ही सफाई कर्मचारियों का रहन-सहन और जीवनस्तर ऊंचा उठाने के लिए मौजूद सरकारी योजनाओं का फायदा उन तक असरदार तरीके से पहुंचाया जाए।

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