सफाई कर्मचारियों की वजह से ही समाज स्वस्थ - शेरसिंग डागोर
महाराष्ट्र राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष शेरसिंग डागोर ने चंद्रपुर में सफाई कर्मचारियों की समस्याओं पर बैठक ली और अधिकारियों को कई निर्देश दिए।
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चंद्रपुर में सफाई कर्मचारियों की अलग-अलग समस्याओं का जायजा लेने के लिए नियोजन भवन में एक बैठक हुई, जिसमें महाराष्ट्र राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष शेरसिंग डागोर ने कहा कि सफाई कर्मचारी समाज का जरूरी और अहम हिस्सा हैं। उनके मुताबिक ये कर्मचारी खुद कई दिक्कतों और सेहत से जुड़े खतरों का सामना करते हुए समाज की सेहत का ख्याल रखते हैं, और इन्हीं की वजह से समाज स्वस्थ रहता है। डागोर ने अधिकारियों और स्टाफ से कहा कि इनका जो योगदान है उसे ध्यान में रखते हुए इनकी समस्याओं को संवेदनशीलता से सुलझाया जाए।
इस बैठक में जिलाधिकारी वसुमना पंत, महानगरपालिका आयुक्त अकुनूरी नरेश, नगरपालिका प्रशासन अधिकारी डॉ. विद्या गायकवाड, उमेश पिपरे, सुनील तांबे और अलग-अलग विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
डागोर ने कहा कि शहर की पूरी सफाई की बड़ी जिम्मेदारी सफाई कर्मचारियों के कंधों पर है। बहुत कम वेतन में और कई तरह की बीमारियों तथा सेहत से जुड़े खतरों का सामना करते हुए ये लगातार सेवा देते रहते हैं। अगर सफाई कर्मचारी काम पर न आएं तो इसका सीधा असर शहर की सफाई और समाज की सेहत पर पड़ता है, इसलिए हर अधिकारी और कर्मचारी को इनके काम की अहमियत समझनी चाहिए।
कोरोना के दौर में सफाई कर्मचारियों ने जो सेवा दी उसका जिक्र करते हुए डागोर ने कहा कि बहुत मुश्किल हालात में इन लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर सेवा दी। कई परिवारों के रिश्तेदार दूर होने पर सफाई कर्मचारियों ने ही मृतकों का अंतिम संस्कार करने की जिम्मेदारी भी निभाई। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इनके इस योगदान को याद रखते हुए इनकी दिक्कतें सुलझाने में और ज्यादा संवेदनशीलता दिखानी चाहिए, साथ ही इनका जीवन स्तर ऊपर उठाने के लिए ठोस कोशिश करनी चाहिए।
डागोर ने साफ निर्देश दिया कि सफाई कर्मचारियों के जो सवाल लंबित पड़े हैं उन पर लगातार फॉलोअप करके तय समय में निपटारा करने के लिए एक अलग नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए। उनका कहना था कि सभी संबंधित विभाग आपस में तालमेल बनाकर काम करें और सफाई कर्मचारियों के सवाल समय पर सुलझाने की सही योजना बनाएं।
डागोर ने कहा कि राज्य सरकार सफाई कर्मचारियों की भलाई को लेकर सजग है और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में इनके हित में कई अहम फैसले लिए गए हैं। लेकिन लाड-पागे समिति की सिफारिशों को लागू करने में कुछ जगहों पर गंभीरता से काम होता नहीं दिख रहा। इस बारे में जो मामले लंबित हैं उन्हें फौरन सामने लाकर नियमानुसार निपटाया जाए।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की नियमित हेल्थ जांच होना बहुत जरूरी है। संबंधित सिस्टम यह सुनिश्चित करें कि इन्हें बीमा सुरक्षा, कम से कम वेतन और बाकी सुविधाएं समय पर मिलें। जिस बैंक के जरिए सफाई कर्मचारियों का वेतन दिया जाता है, उसी बैंक के माध्यम से इन्हें पांच लाख रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस और हादसे में मौत होने पर एक करोड़ रुपये का बीमा कवर देने के लिए जरूरी कार्रवाई की जाए।
डागोर ने यह भी कहा कि जनसंख्या के हिसाब से जितने सफाई कर्मचारी चाहिए उतनी नियुक्ति करना जरूरी है। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर श्रमसाफल्य योजना के तहत जो सफाई कर्मचारी पात्र हैं उन्हें घर देने के लिए संबंधित सिस्टम फौरन खाका तैयार करें। उन्होंने निर्देश दिया कि सफाई कर्मचारियों का रहन-सहन और जीवन स्तर ऊपर उठाने के लिए जो सरकारी योजनाएं मौजूद हैं उनका फायदा असरदार तरीके से इन तक पहुंचाया जाए।