संजय राउत बोले- किसान संकट में, मंत्री गरबा-डीजे में मशगूल, MPSC पर भी उठाए सवाल
शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए राज्य सरकार पर किसानों की अनदेखी और MPSC-नीट पेपर लीक को लेकर तीखे सवाल उठाए।
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शिवसेना (उबाठा) के सांसद और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने नागपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राज्य सरकार और सत्ताधारी मंत्रियों पर तीखा हमला बोला है। उनका कहना था कि मानसून की बेरुखी और अनिश्चितता की वजह से पूरे महाराष्ट्र में, खासकर विदर्भ इलाके में, किसान एक बार फिर सूखे और संकट के मुहाने पर खड़ा है।
राउत ने कहा कि हालात इतने खराब हैं कि किसान आत्महत्या तक की नौबत पर पहुंच रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री और विदर्भ से आने वाले कैबिनेट मंत्री किसानों की समस्याओं, सोयाबीन के दामों और सूखे की समीक्षा करने की बजाय गरबा, डीजे, पाकिस्तान और सियासी बयानबाजी में उलझे हुए हैं।
नागपुर में डीजे साउंड सिस्टम को लेकर जारी प्रशासनिक गाइडलाइंस और हाल के विवादों पर बोलते हुए राउत ने कहा कि तेज आवाज वाले डीजे से हार्ट के मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने याद दिलाया कि नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का मुख्यालय भी है। राउत की मांग थी कि सिर्फ एक शहर के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश में डीजे साउंड सिस्टम इस्तेमाल करने को लेकर एक सख्त और एक जैसी गाइडलाइन बनाई जाए, और उसे सख्ती से लागू भी किया जाए।
इसके बाद राउत ने राज्य में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों पर गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 साल से सत्ता में रहने के बावजूद, चाहे नीट हो या MPSC, हर भर्ती परीक्षा में धांधली हो रही है। राउत ने दावा किया कि इन पेपर लीक रैकेट में सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हैं।
राउत ने आगे कहा कि MPSC की पूरी परीक्षा और भर्ती व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है, इसलिए मौजूदा आयोग को तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए और नए सिरे से पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं कराई जानी चाहिए। उनका कहना था कि सिर्फ टास्क फोर्स बना देना एक प्रशासनिक खानापूर्ति भर है, इससे असली समस्या हल नहीं होगी।