सांगली: ७९.५० करोड़ के कचरा प्रोजेक्ट की निविदा पर ऑडिट में गंभीर सवाल, ५२.४८ लाख वसूली तय
सांगली महानगरपालिका के कचरा प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट की निविदा प्रक्रिया पर ऑडिट रिपोर्ट में गंभीर आपत्तियां दर्ज की गई हैं।
सांगली महानगरपालिका के समडोळी रोड और मिरज-बेडग रोड कचरा डिपो में जमा पुराने कचरे की बायोमाइनिंग करने और रोजाना निकलने वाले कचरे को प्रोसेस करने के लिए प्रस्तावित ७९.५० करोड़ रुपये के काम पर ऑडिट रिपोर्ट में गंभीर आपत्तियां दर्ज की गई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि निविदा प्रक्रिया इस तरह चलाई गई कि काम किसी खास कंपनी को ही मिले। निविदा की शर्तों, अकेले निविदाधारक होने, दरों और तकनीकी अंकों के साथ-साथ ठेकेदार की पात्रता पर भी सवाल उठाए गए हैं।
समडोळी रोड और मिरज-बेडग रोड डिपो में जमा पुराने कचरे की बायोमाइनिंग के लिए ३६ करोड़ १३ लाख १३ हजार ६६७ रुपये और रोजाना के कचरे की प्रोसेसिंग व निपटान के लिए ४३ करोड़ ३६ लाख ६० हजार २६९ रुपये खर्च प्रस्तावित था। दोनों कामों का कुल खर्च ७९.५० करोड़ रुपये बैठता है। ऑडिट में बताया गया है कि महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की मंजूरी सिर्फ ६० करोड़ २ लाख ७५ हजार २६९ रुपये तक की थी, लेकिन बाकी बढ़े हुए १९ करोड़ ४६ लाख ९८ हजार ६६७ रुपये के खर्च के लिए जरूरी तकनीकी और प्रशासनिक मंजूरी के कागजात पेश ही नहीं किए गए, इसलिए यह रकम आपत्ति के दायरे में रखी गई है।
रोजाना के कचरे की प्रोसेसिंग वाले ४३.३६ करोड़ रुपये के काम की निविदा में बेहद पेचीदा और खास तरह की शर्तें रखी गई थीं। ऑडिट में कहा गया है कि ये शर्तें किसी खास निविदाधारक को ही पात्र बनाने के मकसद से बनाई गई लगती हैं, जिसकी वजह से महानगरपालिका को प्रतिस्पर्धी दर का फायदा नहीं मिल पाया। इस काम के लिए जब अकेले निविदाधारक का आर्थिक लिफाफा खोला गया तो ७७२ रुपये प्रति मेट्रिक टन का दर सामने आया, जिसे बातचीत के बाद घटाकर ७२० रुपये किया गया। पुराने कचरे की बायोमाइनिंग के लिए ४१९ रुपये प्रति टन और रोजाना की प्रोसेसिंग के लिए ७२० रुपये प्रति टन दर तय हुआ, जिसे ऑडिट में अवास्तव बताया गया है।
पुराने कचरे की बायोमाइनिंग वाली ३६.१३ करोड़ रुपये की निविदा में समडोळी और मिरज-बेडग रोड डिपो के करीब ८ लाख ४२ हजार २२३ घनमीटर कचरे को प्रोसेस करने की योजना थी। इस निविदा में कृष्णा ग्रीन और झिग्मा ग्लोबल शामिल हुई थीं। कृष्णा ग्रीन एक पार्टनरशिप संस्था है और उसकी तकनीकी व आर्थिक पात्रता दिखाने के लिए भूमी ग्रीन के कागजात पेश किए गए। कृष्णा ग्रीन को भूमी ग्रीन की एसपीवी बताने के लिए ५०० रुपये के स्टैम्प पेपर पर करार किया गया, लेकिन निविदा की शर्तों में एसपीवी का जिक्र ही नहीं था, इस पर आपत्ति ली गई है।
ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया है कि कृष्णा ग्रीन के पास ठोस कचरा प्रबंधन का पुराना अनुभव, वित्तीय पात्रता और पूंजी न होते हुए भी उसे करीब ३६ करोड़ रुपये का काम दे दिया गया। इसके अलावा मजदूरों के बीमा और सेस की कम कटौती करने पर ४१.८८ लाख रुपये, और रोजाना के कचरे की प्रोसेसिंग वाले काम में बीमे की कम कटौती के चलते १०.६० लाख रुपये, यानी कुल मिलाकर ५२.४८ लाख रुपये वसूली योग्य ठहराए गए हैं।