रिंग रोड के लिए जमीन जाने के सदमे में नागपुर के किसान की मौत, अधिग्रहण पर सवाल
पाटणसावंगी के किसान गजानन टेकाडे की मौत के बाद परिवार और किसान संगठन ने थर्ड आउटर रिंग रोड के लिए हो रहे भूमि अधिग्रहण को तुरंत रोकने की मांग की है।
नागपुर शहर में बन रहे थर्ड आउटर रिंग रोड प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, और इसी बीच एक किसान की मौत की खबर ने पूरे इलाके को हिला दिया है। पाटणसावंगी में रहने वाले किसान गजानन सीतारामजी टेकाडे का 8 सितंबर 2026 को निधन हो गया। उनकी पैतृक जमीन इसी प्रोजेक्ट में जाने वाली थी और इसी डर ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया था।
किसान संघर्ष समिति और इलाके के प्रभावित किसानों का कहना है कि गजानन टेकाडे भूमि अधिग्रहण के सदमे में पिछले 2 महीनों से ठीक से खाना-पानी तक नहीं ले रहे थे। धीरे-धीरे उनकी तबीयत बिगड़ती गई और आखिरकार 8 सितंबर को उनकी मौत हो गई। फिलहाल प्रशासन 9 गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चला रहा है, जिसका स्थानीय ग्रामीण और किसान लगातार विरोध कर रहे हैं।
नागपुर शहर के मौजा कवडस में सर्वे नंबर 229/1-अ पर गजानन टेकाडे की पूरी 4 एकड़ उपजाऊ जमीन थी, और यह पूरी जमीन ही रिंग रोड प्रोजेक्ट के दायरे में आ रही थी। जब उन्हें पता चला कि पुरखों की यह जमीन हाथ से निकलने वाली है, तब से वे गहरे मानसिक तनाव में चले गए थे। 7 सितंबर को अचानक उनकी तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ गई और अगले दिन, 8 सितंबर को उन्होंने आखिरी सांस ली। इसके बाद सोमवार को किसान संघर्ष समिति के सदस्य पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और उन्हें ढांढस बंधाया।
दिवंगत किसान की बेटी सुनीता टेकाडे ने साफ कहा कि उनके पिता की मौत की सीधी वजह यही भूमि अधिग्रहण है। उन्होंने बताया कि सड़क किनारे उनकी 4 एकड़ पैतृक जमीन है, जिसमें परिवार गेहूं, सोयाबीन, तुअर और कपास की खेती करता है। उनके मुताबिक, घर के 7 लोगों की रोजी-रोटी का इकलौता सहारा यही खेती है, और अगर जमीन ही चली जाएगी तो पूरा परिवार सड़क पर आ जाएगा।
सुनीता के मुताबिक उनके पिता आखिरी वक्त तक बस यही कहते रहे कि उनकी जमीन चली जाएगी। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से मांग की है कि यह भूमि अधिग्रहण तुरंत रोका जाए। दिवंगत गजानन टेकाडे के परिवार में उनका बेटा, बहू, पोता, पोती और 2 बेटियां हैं, जिनमें से एक की शादी हो चुकी है।