रेत लिलाव में अब ऑनलाइन पारदर्शिता, महसूल मंत्री बावनकुळे ने जारी किए नए नियम
राज्य के महसूल मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने रेत घाटों के लिलाव में पारदर्शिता लाने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके तहत अब पूरी प्रक्रिया ई-टेंडरिंग और ई-लिलाव से होगी।
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राज्य के महसूल मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने रेत और रेत घाटों के लिलाव में पारदर्शिता लाने और अवैध खनन पर रोक लगाने के मकसद से नई गाइडलाइन जारी की है। 2025-26 के लिए रेत गुट और रेत घाटों की ई-टेंडरिंग और ई-लिलाव की सूचनाएं पहले ही जारी हो चुकी हैं। इसका मतलब यह है कि अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन तरीके से चलेगी, बोली प्रतिस्पर्धी आधार पर लगेगी और हर कदम का रिकॉर्ड डिजिटल तरीके से रखा जाएगा।
सरकार के इस फैसले से लिलाव प्रक्रिया व्यवस्थित होगी और राजस्व का नुकसान रुकेगा। नए नियमों के मुताबिक, पर्यावरण मंजूरी मिल चुके सभी रेत घाटों का लिलाव अब तालुका स्तर पर एक साथ किया जाएगा। पहले अलग-अलग जिलों में अलग-अलग तरीके अपनाए जाने से जो देरी होती थी, नई व्यवस्था से उस पर लगाम लगेगी।
लिलाव प्रक्रिया को पूरा करने के लिए तीन चरण तय किए गए हैं। पहले चरण में कम से कम तीन, दूसरे चरण में दो और तीसरे चरण में कम से कम एक योग्य बोलीदार का होना जरूरी होगा। अगर तीनों चरणों के बाद भी लिलाव पूरा नहीं हो पाता है, तो उस रेत घाट को स्थानीय इस्तेमाल के लिए रिजर्व रख दिया जाएगा।
ई-लिलाव के साथ-साथ अब ई-निविदा प्रणाली भी अनिवार्य कर दी गई है। अगर सबसे ऊंची बोली लगाने वाला बोलीदार, यानी एच-1, तय समय में पैसे जमा नहीं करता है, तो एच-2 और एच-3 बोलीदारों को मौका दिया जाएगा। इसके अलावा अगर कोई दस्तावेज कम पड़ता है, तो महाटेंडर्स पोर्टल पर दस्तावेज जमा करने के लिए अतिरिक्त दिन दिया जाएगा। साथ ही जिलाधिकारियों को तय समय सीमा में कानूनी कार्रवाई पूरी करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
रेत खनन और उसकी ढुलाई से जुड़े गैर-कानूनी कामों पर काबू पाना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती रहा है। नई नीति का मकसद रेत के खनन से लेकर लिलाव और बिक्री तक की पूरी प्रक्रिया में ज्यादा अनुशासन लाना है।
राज्य के खनिकर्म विभाग ने भी खनिज क्षेत्र में लिलाव प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा करने की जिम्मेदारी पर जोर दिया है। डिजिटल प्रणाली के जरिए निविदा प्रक्रिया में शामिल होने वाले लोगों और संस्थाओं को बराबर मौका देने की कोशिश की जा रही है।