पिंपरी-चिंचवड में बांधकाम परवानगी विभाग पर भ्रष्टाचार के आरोप, फडणवीस ने चौकशी के आदेश दिए
भाजप नगरसेवक तुषार हिंगे की शिकायत पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महापालिका आयुक्त को जांच के आदेश दिए, कार्यकारी अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी की।
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पिंपरी-चिंचवड महापालिका के बांधकाम परवानगी विभाग के अफसरों पर आर्थिक गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इस मामले की जांच के आदेश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महापालिका आयुक्त को दिए हैं। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद आयुक्त ने संबंधित कार्यकारी अभियंता को कारण बताओ नोटिस थमा दी है।
मिली जानकारी के मुताबिक, भाजप के नगरसेवक तुषार हिंगे ने बांधकाम विभाग के सहशहर अभियंता और कार्यकारी अभियंता के कामकाज को लेकर मुख्यमंत्री फडणवीस से सीधे शिकायत की थी। हिंगे ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि संबंधित अफसर कई सालों से बांधकाम परवानगी विभाग में तैनात हैं और अधिकारों का गलत इस्तेमाल कर नागरिकों की आर्थिक लूट कर रहे हैं।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि बांधकाम विभाग के पास मंजूरी के लिए आने वाली फाइलों में जानबूझकर तकनीकी अड़चनें, कमियां और गलतियां निकालकर मंजूरी की प्रक्रिया में देरी की जाती है। विकास प्रोजेक्ट्स की जमीनों का मूल नक्शा या रास्ता बदलना, मंजूर आरक्षण का हवाला देना, कागजातों में कानूनी अड़चनें पैदा करना, इन तरीकों से नागरिकों को मानसिक और आर्थिक तौर पर परेशान किया जा रहा है, ऐसा भी शिकायत में लिखा गया है। इस शिकायत पर संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री ने चौकशी के आदेश दिए, जिसके बाद महापालिका आयुक्त ने संबंधित अफसर को कारण बताओ नोटिस जारी की।
इसी दौरान पिंपरी-चिंचवड महापालिका में शहर अभियंता और मुख्य अभियंताओं के कामकाज का फेरबदल भी किया गया है। शहर अभियंता मनोज सेठिया को पानी सप्लाई, बांधकाम परवानगी सहित पांच विभागों की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि मुख्य अभियंता प्रमोद ओंभासे को अहम स्थापत्य विभाग सहित कई पानी प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह आदेश महापालिका आयुक्त विजय सूर्यवंशी ने जारी किया है।
सेठिया की शहर अभियंता के तौर पर हाल ही में नियुक्ति हुई है। पर्यावरण विभाग के मुख्य अभियंता संजय कुलकर्णी को सस्पेंड करने के बाद ओंभासे को पर्यावरण विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई थी, इसी वजह से आयुक्त ने कामकाज का फेरबदल किया है।
सेठिया के पास पानी सप्लाई, बांधकाम परवानगी, शहरी यातायात, जलनिस्सारण और झोपडपट्टी पुनर्वसन विभाग रहेंगे। इसके अलावा तळवडे की जैवविविधता उद्यान, संभाजीनगर की बहिणाबाई चौधरी प्राणिसंग्रहालय, वाकड की बैडमिंटन कोर्ट, पिंपरी चौक की माता रमाई सृष्टी और प्राधिकरण के मदनलाल धिंग्रा मैदान जैसे खास प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी भी उन्हें दी गई है।
मुख्य अभियंता प्रमोद ओंभासे के पास स्थापत्य, स्थापत्य प्रोजेक्ट्स, उद्यान व क्रीड़ा और पर्यावरण अभियांत्रिकी विभाग रहेंगे। भामा-आसखेड, आंद्रा पानी योजना, पवना बंदिस्त जलवाहिनी और निगडी सेक्टर नंबर 23 का जलशुद्धीकरण केंद्र जैसे अहम प्रोजेक्ट्स भी उनकी जिम्मेदारी में रहेंगे।
सहशहर अभियंता प्रेरणा सिनकर से जलनिस्सारण विभाग हटाकर उन्हें बांधकाम परवानगी और अनधिकृत बांधकाम विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। सहशहर अभियंता विनय ओहोळ के पास जलनिस्सारण विभाग बरकरार रखते हुए पर्यावरण अभियांत्रिकी की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। कार्यकारी अभियंता संध्या वाघ को प्रमोशन देकर सहशहर अभियंता बनाया गया है और उन्हें स्थापत्य प्रोजेक्ट्स विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
क्षेत्रीय अफसरों के तबादले भी हुए हैं। महापालिका की 'ह' क्षेत्रीय अफसर पूजा दूधनाळे का तबादला भूमी और जिंदगी विभाग के प्रशासन अफसर पद पर कर दिया गया है, साथ ही उन्हें मेडिकल विभाग के प्रशासन अफसर पद का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। इसी बीच संतोष कोराड को 'ह' क्षेत्रीय अफसर पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।