फडणवीस, विदेशी वाणिज्य दूत और बॉलीवुड सितारों की मौजूदगी में नागपुर की मारबत परंपरा को मिली वैश्विक पहचान
पहली बार नागपुर मनपा ने आयोजित किया मारबत महोत्सव, फ्रांस, नॉर्वे और फिनलैंड के वाणिज्य दूतों के साथ जैकी श्रॉफ, सुभाष घई और उमेश यादव भी पहुंचे।
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नागपुर शहर की 145 साल पुरानी और ऐतिहासिक मारबत परंपरा को इस बार पहली दफा अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। पहली बार बॉलीवुड के कलाकारों और अलग-अलग देशों के वाणिज्य राजदूतों ने इस उत्सव में हाजिरी लगाई। तऱ्हाने तेली समाज की तरफ से आयोजित पीली मारबत, काली मारबत उत्सव समिति की काली मारबत और विविध बडग्या आयोजन समिति के बडग्या, नागपुर की इस लोक परंपरा का ढोल-ताशों की गूंज में मेहमानों ने जमकर आनंद लिया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे, अर्थ व नियोजन राज्यमंत्री आशीष जयस्वाल, विधायक कृष्णा खोपडे, विधायक मोहन मते, विधायक प्रवीण दटके, विधायक डॉ. राजीव पोतदार, महापौर निता ठाकरे, फ्रांस की वाणिज्य दूत पैट्रिक लेवेरीनो, नॉर्वे की वाणिज्य दूत मोनिका निगलगार्ड, फिनलैंड की वाणिज्य दूत पेट्रा थीमन, मशहूर अभिनेता जैकी श्रॉफ, जाने-माने निर्देशक सुभाष घई, क्रिकेटर उमेश यादव, अभिनेता अंकुश चौधरी, उपमहापौर लीला हाथीबेड, स्थायी समिति सभापति शिवानी दाणी-वखरे, सत्ता पक्षनेता नरेंद्र (बाल्या) बोरकर, विभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी, पुलिस कमिश्नर विश्वास नांगरे पाटील, आयुक्त डॉ. विपिन, वरिष्ठ नगरसेविका आभा पांडे, क्रीडा समिति सभापति दर्शना धवड, पूर्व महापौर दयाशंकर तिवारी और पूर्व महापौर अर्चना डेहनकर के अलावा साम टीव्ही के संपादक निलेश खरे, एबीपी माझा की संपादक सरिता कौशिक, मशहूर शेफ विष्णु मनोहर और ग्राफिक डिजाइनर विवेक रानडे भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री और महापौर के साथ फ्रांस, नॉर्वे व फिनलैंड के वाणिज्य राजदूतों ने पीली मारबत के जुलूस पर फूल बरसाए। इस दौरान चितार ओली चौक पर जुटी हजारों की भीड़ ने जोश में आकर "इडा पिडा घेऊन जा गे... मारबत..." का नारा लगाया।
मारबत महोत्सव का 145 साल का शानदार इतिहास है। नागपुर की इस परंपरा और संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए नागपुर मनपा ने पहल करते हुए इस साल पहली बार मारबत महोत्सव का सफल आयोजन किया। मेहमानों ने इस अनोखी सोच को साकार करने और डेढ़ सौ साल से नागपुरकरों द्वारा इस परंपरा को संजोए रखने के लिए खास आभार जताया। इस लोक परंपरा को बनाए रखने और महोत्सव को वैश्विक रूप देने की मनपा की सोच की सबने तारीफ की।
मुख्य अतिथि के तौर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नागपुर की इस परंपरा को वैश्विक स्वरूप देने की यह कोशिश तारीफ के काबिल है। उन्होंने महापौर निता ठाकरे की सोच और उपमहापौर लीला हाथीबेड, स्थायी समिति सभापति शिवानी दाणी-वखरे, सत्ता पक्षनेता नरेंद्र (बाल्या) बोरकर और क्रीडा सभापति दर्शना धवड के मार्गदर्शन में मारबत महोत्सव के सफल आयोजन के लिए मनपा को बधाई दी। उन्होंने बताया कि मारबत उत्सव की 145 साल की ऐतिहासिक परंपरा है और मनपा ने इसे सांस्कृतिक पर्यटन का रूप देकर दुनिया भर में इसकी अच्छी पब्लिसिटी की है। साथ ही मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र के आम आदमी की जिंदगी की सारी तकलीफें, खासकर सूखे की तकलीफ दूर होने की इच्छा जताई और बडग्या-मारबत के आयोजकों का उत्साह बढ़ाया।
पोला के अगले दिन मनाई जाने वाली काली मारबत, पीली मारबत और बडग्या नागपुर की लोक संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं। समाज की बुरी और नुकसानदायक ताकतों पर लगाम लगे और अच्छी ताकतों को बल मिले, इसी मकसद से हर साल यह लोक परंपरा धूमधाम से मनाई जाती है। काली और पीली मारबत के मिलन के बाद दोनों तरफ के लोग एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई देते हैं।
फ्रांस, नॉर्वे और फिनलैंड के वाणिज्य दूतों ने नेहरू पुतला से निकलने वाली काली मारबत का जुलूस देखा और भरपूर लुत्फ उठाया। कई लोगों ने फोटो खींचे और मोबाइल में पल कैद किए। यहीं काली मारबत और जागनाथ बुधवारी से निकलने वाली पीली मारबत का मिलन होता है, जिसके बाद दोनों जुलूस शहर के अलग-अलग हिस्सों से गुजरते हुए तालाब में विसर्जित किए जाते हैं। इसी के साथ मस्कासाथ से निकलने वाली बडग्या भी इस जुलूस में शामिल होती है। शहर के अलग-अलग हिस्सों से अलग-अलग सोच के साथ मारबत निकाली जाती है।
इस बार बडग्या की थीम पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर पर आधारित थी। भारत के खिलाफ हमेशा जंग की भाषा बोलने वाले फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को "फेल्ड (नाकाम) मार्शल" बताते हुए बडग्या निकाला गया।
मशहूर अभिनेता जैकी श्रॉफ ने जैसे ही अपने चिर-परिचित अंदाज में "बीडू" कहा, लोगों में एक अलग ही जोश भर गया। "इडा पिडा घेऊन जा गे...!" का नारा लगाने पर मौजूद लोगों ने "मारबत" कहकर जवाब दिया, जिससे पूरा माहौल जश्न में डूब गया। इसके अलावा जैकी श्रॉफ ने लोगों के कहने पर डांस भी किया और नारे लगाकर जुलूस में मौजूद लोगों का दिल जीत लिया। कई लोगों ने जैकी श्रॉफ के साथ सेल्फी भी ली।
शुरुआत में महापौर निता ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को मारबत महोत्सव का मोमेंटो और मान का दुपट्टा भेंट कर स्वागत किया। इसी तरह पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे, सभी वाणिज्य राजदूतों, अभिनेता जैकी श्रॉफ, सुभाष घई और क्रिकेटर उमेश यादव का भी स्वागत किया गया। पत्रकारों से बातचीत में सभी मेहमानों ने आयोजन के लिए मनपा और बाकी आयोजकों की तारीफ की। पूरे कार्यक्रम का संचालन स्थायी समिति सभापति शिवानी दाणी-वखरे ने किया। मनपा द्वारा आयोजित इस पहले मारबत महोत्सव को नागरिकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला।
शुक्रवार, 11 सितंबर को फ्रांस की वाणिज्य दूत पैट्रिक लेवेरीनो, नॉर्वे की वाणिज्य दूत मोनिका निगलगार्ड, फिनलैंड की वाणिज्य दूत पेट्रा थीमन, अभिनेता जैकी श्रॉफ, निर्देशक सुभाष घई, क्रिकेटर उमेश यादव, अभिनेता अंकुश चौधरी, संपादक निलेश खरे और संपादक सरिता कौशिक डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचे, जहां फूलों के गुलदस्ते देकर उनका स्वागत किया गया।
क्रिकेटर उमेश यादव मारबत उत्सव में लोगों का जबरदस्त उत्साह देखकर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह बहुत रोमांचक पल था और ऐसी अनोखी चीजें सिर्फ नागपुर शहर में ही हो सकती हैं। उन्होंने नागपुर की इस पारंपरिक और सांस्कृतिक परंपरा के दुनिया भर तक पहुंचने की इच्छा जताई और कहा कि नागपुर अब छोटा शहर नहीं रहा, बड़ा और तरक्की करने वाला शहर बन गया है।
सुभाष घई ने बताया कि बहुत कम लोगों को पता है कि नागपुर उनकी जन्मभूमि है, इसलिए नागपुर से उनका खास रिश्ता है। उन्होंने बताया कि नागपुर में मारबत उत्सव पिछले 145 सालों से मनाया जा रहा है।