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03:50 IST

नागपुर मनपा के कचरा ठेके में 17 सिक्योरिटी गार्डों के नाम पर फर्जी खाते खोलने का आरोप

कांग्रेस विधायक विकास ठाकरे ने एजी एनवायरो और मनपा अधिकारियों की मिलीभगत से गार्डों के वेतन में गड़बड़ी का आरोप लगाया, ऑडिट और जांच की मांग की।

नागपुर मनपा के कचरा ठेके में 17 सिक्योरिटी गार्डों के नाम पर फर्जी खाते खोलने का आरोप तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नागपुर महानगरपालिका के कचरा उठाने के ठेके को लेकर एक और बड़ा मामला सामने आया है। कांग्रेस विधायक विकास ठाकरे ने आरोप लगाया कि कचरा उठाने का काम देखने वाली कंपनी एजी एनवायरो इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, उससे जुड़ी सिक्योरिटी एजेंसी और मनपा के कुछ अफसरों ने मिलकर सिक्योरिटी गार्डों का आर्थिक शोषण किया है।

विधायक के मुताबिक 17 सिक्योरिटी गार्डों को बिना बताए और बिना उनकी असली सहमति के उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए गए। आरोप है कि साल 2019 से इन खातों में तरह-तरह के लेन-देन होते रहे। अब सवाल यह है कि खाते खोलने में कौन-कौन से कागजात इस्तेमाल हुए, खातों पर कंट्रोल किसका था, और इन लेन-देन से आखिर फायदा किसे पहुंचा।

वेतन को लेकर भी गंभीर आरोप हैं। विधायक ठाकरे का कहना है कि ठेके की शर्तों और तय दरों के हिसाब से हर सिक्योरिटी गार्ड को हर महीने 25,600 रुपये मिलने चाहिए थे, लेकिन उन्हें सिर्फ 15,500 रुपये ही दिए जा रहे थे। 17 गार्डों के हिसाब से यह अंतर हर महीने 1,71,700 रुपये और साल भर में 20,60,400 रुपये बैठता है। विधायक ने पूरे ठेका काल के दौरान हुए वित्तीय लेन-देन का स्पेशल ऑडिट कराने की मांग की है।

सिक्योरिटी गार्डों के एक ग्रुप ने विधायक विकास ठाकरे से मिलकर लिखित शिकायत सौंपी। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने मई 2026 में इन कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाई थी। इसके बाद संबंधित सिक्योरिटी एजेंसी ने उनका वेतन रोक दिया। वेतन न मिलने पर इन कर्मचारियों ने जून 2026 से काम पर जाना बंद कर दिया। विधायक ने मांग की है कि कर्मचारियों को बकाया वेतन और वेतन के अंतर की पूरी रकम ब्याज सहित दी जाए।

नवंबर 2019 में जब कचरा उठाने का ठेका शुरू हुआ था, तब एजी एनवायरो ने अपने पांच जोनों के कचरा ट्रांसफर सेंटर और वाहन खड़े करने की जगहों पर सिक्योरिटी गार्ड लगाने का काम आर्मर सिक्योरिटी इंडिया लिमिटेड को सौंपा था। विधायक का कहना है कि इस पूरी व्यवस्था में मनपा की भूमिका 'प्रिंसिपल एम्प्लॉयर' यानी मुख्य नियोक्ता की है, इसलिए सवाल उठता है कि लेबर कानूनों, वेतन नियमों और ठेके की शर्तों के पालन पर मनपा की निगरानी क्यों नहीं रही।

शिकायत के बाद गार्डों ने यह भी आरोप लगाया कि एजी एनवायरो ने बाद में एलिट सिक्यूरिटास प्राइवेट लिमिटेड के गार्ड लगा दिए। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इस नई एजेंसी के लोग भी कथित तौर पर आर्मर सिक्योरिटी से जुड़े लोग ही हैं। विधायक ने मांग की है कि नई एजेंसी की नियुक्ति में टेंडर प्रक्रिया, पात्रता की शर्तें और नागपुर मनपा की पहले से अनुमति ली गई थी या नहीं, इसकी भी जांच हो। पूरे मामले में उच्चस्तरीय जांच और दोषी लोगों पर कार्रवाई की मांग की गई है।

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