गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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10:13 IST

नागपुर: LPG संकट के लिए रखा जाने वाला 12.90 लाख लीटर केरोसिन 5 महीने से मंजूरी के इंतजार में अटका

नागपुर शहर पुरवठा विभाग ने आपात स्थिति के लिए केरोसिन स्टॉक की मांग शासन को भेजी थी, लेकिन महीनों बाद भी मंजूरी नहीं मिली।

नागपुर: LPG संकट के लिए रखा जाने वाला 12.90 लाख लीटर केरोसिन 5 महीने से मंजूरी के इंतजार में अटका
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

नागपुर जिलाधिकारी कार्यालय के अधीन काम करने वाला शहर आपूर्ति विभाग एक जरूरी तैयारी में अटक गया है। इमरजेंसी में एलपीजी की जगह इस्तेमाल के लिए केरोसिन का स्टॉक रखने की यह योजना अभी सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गई है, आगे बढ़ ही नहीं पाई।

बात मार्च की है। तब युद्ध जैसे हालात को ध्यान में रखते हुए नागपुर शहर पुरवठा विभाग ने एक सर्वे किया और उसी के आधार पर 12 लाख 90 हजार 6 लीटर केरोसिन की मांग शासन के पास भेज दी। लेकिन मार्च से लेकर सितंबर का मध्य आ गया, फिर भी इस मांग को हरी झंडी नहीं मिली।

यानी विभाग ने जो मांग भेजी और उस पर मंजूरी मिलने के बीच करीब साढ़े 5 महीने का वक्त बीत चुका है, और इतने अरसे में 12.90 लाख लीटर केरोसिन शासन के पास फाइल में ही अटका पड़ा है।

जानकारी के मुताबिक शहर पुरवठा विभाग ने 31 मार्च 2026 को शासन को इस बारे में पत्र लिखा था। उस वक्त मिडिल ईस्ट में जो युद्ध की परिस्थितियां बनी हुई थीं, उन्हें ध्यान में रखते हुए एलपीजी के विकल्प के तौर पर केरोसिन स्टॉक करने की मांग सर्वे के आधार पर रखी गई थी।

इसके अलावा नागपुर जिले में पात्र परिवारों को केरोसिन देना शुरू करने की मांग भी लंबे समय से होती रही है। इन दोनों बातों को सामने रखते हुए विभाग ने जरूरी आंकड़े जुटाकर शासन के पास प्रस्ताव भेजा, लेकिन अब तक कोई मंजूरी नहीं आई।

शासन के पास मांग भेजने से पहले आपूर्ति विभाग ने बाकायदा एक सर्वे कराया था। इस सर्वे में नागपुर शहर के 46,150 अंत्योदय राशन कार्ड और 3,83,852 प्राधान्य राशन कार्ड शामिल किए गए। दोनों श्रेणियों को जोड़ें तो कुल 4,30,002 राशन कार्ड बनते हैं, और इन्हीं कार्डों के आधार पर केरोसिन की जरूरत तय की गई। इन आंकड़ों के हिसाब से कुल 12,90,006 लीटर केरोसिन की मांग विभाग की तरफ से दर्शाई गई।

जोन के हिसाब से मांग की तस्वीर देखें तो 'फ' जोन के लिए सबसे ज्यादा 2,65,032 लीटर केरोसिन मांगा गया है। इसके बाद 'क' जोन के लिए 2,62,494 लीटर, 'ड' जोन के लिए 2,39,241 लीटर और 'ब' जोन के लिए 2,32,512 लीटर केरोसिन की मांग शासन से की गई है। वहीं 'इ' जोन के लिए 1,57,239 लीटर और 'अ' जोन के लिए 1,33,488 लीटर केरोसिन की मांग दर्ज है।

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