गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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04:23 IST

नागपुर बना आधिकारिक पर्यटन जिला, ऐतिहासिक-धार्मिक-वन्यजीव पर्यटन को मिलेगी रफ्तार

महाराष्ट्र सरकार के पर्यटन विभाग ने नागपुर जिले को पर्यटन जिला घोषित किया, जिससे रोजगार और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

नागपुर बना आधिकारिक पर्यटन जिला, ऐतिहासिक-धार्मिक-वन्यजीव पर्यटन को मिलेगी रफ्तार
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

'संत्रानगरी', 'उपराजधानी' और 'टाइगर कैपिटल ऑफ इंडिया' जैसी अलग-अलग पहचान रखने वाले नागपुर के पर्यटन विकास को अब सरकार की आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। महाराष्ट्र सरकार के पर्यटन विभाग ने नागपुर जिले को 'पर्यटन जिला' घोषित कर दिया है। इस फैसले से जिले की ऐतिहासिक जगहों, धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संपदा और वन्यजीव पर्यटन के विकास को बड़ी रफ्तार मिलने की संभावना है।

महाराष्ट्र की पर्यटन नीति-2016 के तहत नागपुर को पहले ही 'विशेष पर्यटन जिला' घोषित किया जा चुका था। यह फैसला जिले के आर्थिक और गैर-आर्थिक महत्व को ध्यान में रखकर लिया गया था। लेकिन नागपुर की बढ़ती पर्यटन क्षमता, भौगोलिक स्थिति और समृद्ध ऐतिहासिक विरासत को देखते हुए अलग से पर्यटन जिले का दर्जा देने का प्रस्ताव सरकार के पास भेजा गया था। इसके बाद अब इस बारे में सरकारी फैसला जारी कर दिया गया है।

इस फैसले के पीछे मुख्य मकसद नागपुर की पर्यटन क्षमता का व्यापक विकास करना, पर्यटकों की संख्या बढ़ाना और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए मौके बनाना है। पर्यटन विभाग के उपसचिव संतोष रोकडे के आदेश में स्थानीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देने पर खास जोर दिया गया है। पर्यटन क्षेत्र का विस्तार होने से होटल व्यवसाय, ट्रांसपोर्ट सेवा, स्थानीय खाने-पीने की चीजें, टूरिस्ट गाइड, हस्तकला, लोककला और इससे जुड़े दूसरे कारोबार को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

नागपुर के पर्यटन की एक बड़ी खासियत इसकी ऐतिहासिक विरासत है। गोंड राजाओं और भोसले राजघराने के दौर में नागपुर एक अहम सत्ता केंद्र रहा है। यही वजह है कि जिले की कई ऐतिहासिक इमारतें, किले और पुराने स्थल आज भी इस गौरवशाली इतिहास की गवाही देते हैं। इतिहास के साथ-साथ 'संत्रानगरी' के नाम से नागपुर को मिली इंटरनेशनल पहचान और जिले की प्राकृतिक खूबसूरती भी पर्यटन के लिहाज से खास मायने रखती है।

वन्यजीव पर्यटन के मामले में भी नागपुर की जगह अलग है। 'टाइगर कैपिटल ऑफ इंडिया' के नाम से मशहूर नागपुर के आसपास पेंच नेशनल पार्क और उमरेड-कऱ्हांडला जैसे अहम जंगल इलाके मौजूद हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से और विदेश से आने वाले वाइल्डलाइफ प्रेमियों के लिए नागपुर एक अहम एंट्री पॉइंट माना जाता है। पर्यटन जिले का दर्जा मिलने से इस क्षेत्र का ज्यादा प्लानिंग के साथ विकास करने के लिए प्रशासन को नई ताकत मिलेगी।

नागपुर जिले की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान भी उतनी ही समृद्ध है। रामटेक का पुराना राम मंदिर, खिंडसी इलाके की वॉटर स्पोर्ट्स सुविधाएं और दीक्षाभूमी जैसी जगहें पर्यटकों को खासतौर पर खींचती हैं। इसके अलावा जिले के खूबसूरत पार्क, लोककला, हस्तकला और आदिवासी लोकनृत्यों की समृद्ध परंपरा भी सांस्कृतिक पर्यटन को बड़ी संभावना देती है। इस तरह आने वाले वक्त में नागपुर जिले में ऐतिहासिक, धार्मिक, प्राकृतिक, सांस्कृतिक और वन्यजीव पर्यटन का साझा विकास करने का बड़ा मौका बना है।

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